केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार (12 फरवरी) को संसद में एक अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार ने वाहन (VAHAN) और सारथी (SARATHI) के डेटाबेस को निजी कंपनियों से शेयर करके 100 करोड़ रुपये की कमाई की है. लोकसभा में एक लिखित जवाब में गडकरी ने कहा, "सरकार द्वारा वाहन और सारथी डेटाबेस शेयर करके 1,11,38,79,757 रुपये राजस्व एकत्रित किया गया है."
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि इस डेटाबेस को गृह मंत्रालय, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बीमा कंपनियों के साथ साथ ऑटो और माल कंपनियों के साथ शेयर किया गया है. जिन कंपनियों को दो डेटाबेस तक पहुंच है, उनमें मर्सिडीज बेंज, बीएमडब्ल्यू, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, एक्सिस बैंक और एलएंडटी फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं.
वहीं, परिवहन मंत्रालय ने 2019 में जारी की गई बल्क डेटा शेयरिंग पॉलिसी को खत्म कर दिया है.जिसमें देश में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्टर्ड वाहनों के डिटेल शामिल हैं. मंत्रालय ने जून 2020 में पर्सनल डेटा और गोपनीयता चिंताओं के संभावित दुरुपयोग का हवाला देते हुए इस पॉलिसी को नजरअंदाज कर दिया था.
एक अन्य सवाल कि क्या सरकार निजी प्लेयर्स द्वारा इस तरह के डेटा को डिलीट की मांग करने को कह सकती है के जवाब में गडकरी ने जवाब दिया कि "ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है." बल्क डेटा शेयरिंग पॉलिसी के तहत कंपनियां किसी भी समय एक कैलेंडर वर्ष के लिए डेटा खरीद सकती हैं.
इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट करेगी. इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी देने दिए जाने की भी संभावना है. साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी डेवलप किया जाएगा.
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