अब घायलों को Air Ambulance से पहुंचाया जाएगा अस्पताल, भारत सरकार ने बनाया ये खास प्लान

अपने पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय ने ऋषिकेश एम्स के लिए ऐसे एयर ऑपरेटरों से 6 महीने की अवधि के लिए आवेदन मांगे हैं, जिनके पास सिंगल इंजन या दो इंजन वाला हेलीकाप्टर है. इस हेलीकॉप्टर का उपयोग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को समय से अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाएगा, ताकि उनकी जान बचाई जा सके.

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एयर एंबुलेंस (File Photo) एयर एंबुलेंस (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

नागरिक उड्डयन मंत्रालय घायलों को त्वरित उपचार मुहैया कराने के एयर एंबुलेंस शुरू करने जा रहा है. दरअसल, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (ईएमएस) को बढ़ावा देने को अपने पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय ने ऋषिकेश एम्स के लिए ऐसे एयर ऑपरेटरों से 6 महीने की अवधि के लिए आवेदन मांगे हैं, जिनके पास सिंगल इंजन या दो इंजन वाला हेलीकाप्टर है. इस हेलीकॉप्टर का उपयोग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को समय से अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाएगा, ताकि उनकी जान बचाई जा सके. 

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प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, "आपात परिस्थितयों में हेलीकॉप्टर मेडिकल सुविधा मुहैया कराने में बड़ा रोल निभाएगा. बाद में भूमि आधारित एम्बुलेंस को बढ़ाने के लिए एक बड़ा एचईएमएस नेटवर्क शामिल करने की कल्पना की गई है. देश भर में व्यापक जनसंख्या आधार तक ट्रॉमा केयर सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए."

परियोजना के बारे में बात करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, "हेलीकॉप्टर आपात चिकित्सा सेवा में अहम रोल निभा सकता है. बाद में एम्बुलेंस के जरिए भी घायलों को समय से मेडिकल सुविधा मुहैया कराने विचार किया जाना है."

15 सितंबर से पहले भेज सकते हैं आवेदन

आगे कहा गया कि एक बार सफल होने के बाद यह प्रोजेक्ट भारत में स्वास्थ्य सुविधा में एक बड़ी उपलब्धी होगी और प्राइवेट प्लेयर्स को शामिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगी. मंत्रालय की ओर से 15 सितंबर या उससे पहले तक इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं. इसके बाद उन्हें दिल्ली में मंत्रालय मुख्यालय में बारी-बारी से बुलाया जाएगा. जहां उन्हें अपने अनुभव, क्षमताओं और संबंधित मुद्दों पर एक प्रसेंटेशन देने के लिए कहा जाएगा.

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ये लोग कर सकते हैं आवेदन

इसके लिए कोई भी प्रमाणित एयर ऑपरेटर आवेदन कर सकता है, जिसके पास एओपी (एयर ऑपरेटर परमिट) में कम से कम एक हेलीकॉप्टर रजिस्टर्ड हो. मंत्रालय द्वारा एक सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं, जिसमें एक मरीज को स्ट्रेचर पर और पायल के अलावा एक चिकित्साकर्मी को ले जाने की क्षमता हो. यह एक बार ईंधन भरने पर कम से कम 300 किमी/160 एनएम की दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम होना चाहिए. मंत्रालय ने कहा है कि चूंकि संचालन के क्षेत्र में पहाड़ी इलाके शामिल हैं, इसलिए एयर ऑपरेटर संचालन के लिए प्रशिक्षित एयर क्रू प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए. हेलीकॉप्टर प्रतिदिन 20 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ सूर्योदय से सूर्यास्त तक स्टैंड बाई सर्विस पर रहेगा.

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