कंगना ने की हिंदू राष्ट्र की पैरवी, बोलीं- 1947 में जब धर्म के आधार पर PAK बना तो भारत को क्यों नहीं बनाया हिंदू राष्ट्र

कंगना रनौत ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री युग पुरुष हैं. हमारे पूर्वजों ने मुगलों की गुलामी देखी है, उसके बाद अंग्रेजों की गुलामी देखी और फिर कांग्रेस का ये कुशासन देखा. लेकिन हमें 2014 में सही मायने में आजादी मिली. हमें स्वतंत्रता मिली. सोचने की स्वतंत्रता, सनातन की स्वतंत्रता, अपना धर्म बनाने की स्वतंत्रता, इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की स्वतंत्रता. जब 1947 में आपने धर्म के आधार पर पाकिस्तान को इस्लामिक राष्ट्र बना दिया था तो भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं बनाया?

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kangana Ranaut (File Photo) kangana Ranaut (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:58 AM IST

बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार कंगना रनौत ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है.  

कंगना रनौत ने कुल्लू में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि 1947 में जब धर्म के आधार पर पाकिस्तान बनाया था तो उस समय भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित क्यों नहीं किया गया?   

कंगना ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री युग पुरुष हैं. हमारे पूर्वजों ने मुगलों की गुलामी देखी है, उसके बाद अंग्रेजों की गुलामी देखी और फिर कांग्रेस का ये कुशासन देखा. लेकिन हमें 2014 में सही मायने में आजादी मिली. हमें स्वतंत्रता मिली. सोचने की स्वतंत्रता, सनातन की स्वतंत्रता, अपना धर्म बनाने की स्वतंत्रता, इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की स्वतंत्रता. जब 1947 में आपने धर्म के आधार पर पाकिस्तान को इस्लामिक राष्ट्र बना दिया था तो भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं बनाया? इसे हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे.  

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बता दें कि कंगना कई मौकों पर इस तरह के राजनीतिक बयान देती रही हैं. उन्होंने नवंबर 2021 में भी कहा था कि 'असली आजादी' 1947 में नहीं, बल्कि 2014 में मिली थी. कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल को सच्ची आजादी बताया था. उनके इस बयान के बाद काफी विवाद हुआ था.  

कंगना और विक्रमादित्य के बीच मुकाबला

हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत का मुकाबला कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह से होगा. इस सीट पर एक जून को वोटिंग होगी.

चुनाव प्रचार के दौरान कंगना और विक्रमादित्य कई मौकों पर एक दूसरे पर जुबानी हमला करते रहे हैं. विक्रमादित्य सिंह ने बिना कंगना का नाम लिए गोमां खाने को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि हिमाचल देवी-देवताओं का पवित्र स्थल है. देवभूमि है. यहां पर गोमांस का सेवन करने वाले चुनाव लड़ें. ये यहां की संस्कृति के लिए चिंता का विषय है. 

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इसके बाद कंगना ने विक्रमादित्य पर पलटवार करते हुए कहा था कि मैं बीफ या किसी तरह का रेड मीट नहीं खाती हूं. यह काफी निंदनीय है कि मेरे खिलाफ बिना सिर-पैर की अफवाहें फैलाई जा रही हैं. मैं हमेशा कई साल से योग और आयुर्वेद का समर्थन और प्रमोशन कर रही हूं. अब मेरी छवि खराब करने के लिए ऐसी रणनीति का कोई असर नहीं होगा. मेरे लोग जानते हैं कि मैं एक प्राउड हिंदू हूं. उन्हें कोई गुमराह नहीं कर सकता है.

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