दो महीने पहले भागकर की शादी, अब थाने में पुलिस के सामने अंतरधार्मिक प्रेम विवाह

हैदराबाद के काचीगुड़ा पुलिस स्टेशन में मंगलवार रात एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े ने पुलिस की मौजूदगी में अपने विवाह को औपचारिक रूप दिया. सैयद इमरान और भव्या श्री दो महीने पहले शादी कर चुके थे, लेकिन परिवार के विरोध के बाद शिकायत दर्ज हुई. पुलिस ने काउंसलिंग कर कानूनी स्थिति स्पष्ट की.

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 पुलिस की मौजूदगी में हुई शादी.(Photo: Abdul/ITG)  पुलिस की मौजूदगी में हुई शादी.(Photo: Abdul/ITG)

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:32 PM IST

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित काचीगुड़ा पुलिस स्टेशन में मंगलवार रात एक असामान्य लेकिन कानूनी रूप से महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला. यहां एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अपने विवाह को औपचारिक रूप दिया. यह मामला तब सामने आया, जब परिवारों के विरोध के चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

इस जोड़े में सैयद इमरान (27) और भव्या श्री (24) शामिल हैं. इमरान अम्बरपेट के कादरी बाग इलाके के निवासी हैं और एक निजी बैंक में कार्यरत हैं, जबकि भव्या श्री गोल नाका के संजीवीवा नगर की रहने वाली हैं. दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आपसी सहमति से शादी करने का फैसला किया था, लेकिन उनके परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे.

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शिकायत के बाद पुलिस ने कराई काउंसलिंग

पुलिस के मुताबिक, इमरान और भव्या श्री करीब दो महीने पहले घर से निकलकर शादी कर चुके थे. इस शादी की जानकारी मिलने के बाद भव्या श्री की मां ने काचीगुड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद काचीगुड़ा के एसीपी हरीश कुमार ने दोनों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की.

पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस को अपने विवाह के प्रमाण पत्र दिखाए और साफ कहा कि वे बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है. पुलिस ने इसके बाद दोनों परिवारों को भी थाने बुलाया और उन्हें कानूनी स्थिति समझाई.

कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

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पुलिस अधिकारियों ने परिवारों को बताया कि कानून के अनुसार दो बालिग व्यक्ति अपनी इच्छा से विवाह कर सकते हैं और इसमें किसी तरह की रोक नहीं है. पुलिस की मौजूदगी में बातचीत और समझाइश के बाद जोड़े के विवाह को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई.

यह मामला न सिर्फ एक प्रेम विवाह से जुड़ा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि कानून और अधिकारों की जानकारी देकर समाधान निकालने की भी होती है.

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