विदाई समारोह में प्रशांत भूषण केस पर बोलने लगे जस्टिस अरुण मिश्रा, CJI ने टोका, 'अच्छा बस'

इस मौके पर सीजेआई एस ए बोबड़े ने कहा कि जस्टिस अरुण मिश्रा अपने पीछे कठिन परिश्रम, साहस, पांडित्य और धैर्य की विरासत छोड़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जस्टिस मिश्रा स्वास्थ्य की चुनौतियों के बावजूद बड़ी मुस्तैदी से अपना काम करते रहे.

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जस्टिस अरुण मिश्रा जस्टिस अरुण मिश्रा

अनीषा माथुर / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 3:02 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस अरुण मिश्रा
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दी गई विदाई
  • पांडित्य की विरासत छोड़ गए जस्टिस मिश्रा-CJI

सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश जस्टिस अरुण मिश्रा आज रिटायर हो गए. इस मौके पर उनके लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में जस्टिस मिश्रा ने अपने न्यायिक जीवन की यादों को ताजा किया. हालांकि कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से ये विदाई समारोह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया गया था. 

अपने संबोधन के दौरान अरुण मिश्रा ने अदालत में कई बार सख्ती दिखाने के लिए वकीलों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि वे कई बार सख्त हो जाते हैं. इस वजह से कई लोग नाराज हो जाते हैं.

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किसी को ठेस पहुंचाई है तो कृपया क्षमा करें

अपने संबोधन में उन्होंने एक घटना का जिक्र किया और कहा, "एक बार मैंने अपने गुरु से पूछा कि मैं कोर्ट में बार-बार गुस्सा हो जाता हूं, मैं क्या करूं? इस पर उन्होंने कहा कि ये क्रोध नहीं है, ये तुम्हारे अंदर की ज्वाला है, तुम्हें सच्चाई का पता लगाना होगा. यदि मैंने अपने शब्दों से किसी वकील को ठेस पहुंचाई तो इसे कोई रंग न दें." 

जस्टिस मिश्रा ने कहा कि अगर मैंने किसी को भी ठेस पहुंचाई है तो कृपया क्षमा कर दें. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि जो मैंने न्यायपूर्ण और सत्य समझ पाया वह मैंने जरूर किया है. 

CJI बोले 'अच्छा बस'

अपने विदाई भाषण में अरुण मिश्रा ने प्रशांत भूषण केस का भी जिक्र किया. हालांकि जैसे ही जस्टिस अरुण मिश्रा प्रशांत भूषण केस पर बोलना शुरू हुए, सीजेआई एसए बोबड़े ने पीछे से धीमे आवाज में कहा, 'अच्छा बस'. इसके बाद जस्टिस मिश्रा ने बोलना बंद कर दिया. आखिरकार जस्टिस मिश्रा ने कहा कि मैं इस पर नहीं जाना चाहता हूं. बता दें कि जस्टिस अरुण मिश्रा अपने आखिरी कार्य दिवस पर परंपरागत रूप से चीफ जस्टिस के साथ उनकी बेंच में बैठे थे. 

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इस मौके पर सीजेआई एस ए बोबड़े ने कहा कि जस्टिस अरुण मिश्रा अपने पीछे कठिन परिश्रम, साहस, पांडित्य और धैर्य की विरासत छोड़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जस्टिस मिश्रा स्वास्थ्य की चुनौतियों के बावजूद बड़ी मुस्तैदी से अपना काम करते रहे. उन्होंने कहा कि जस्टिस मिश्रा के अपने सभी सहयोगियों के शानदार रिश्ते रहे. 

कोरोना की वजह से औपचारिक समारोह नहीं

जस्टिस मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के विदाई समारोह में शामिल होने के निवेदन को विनम्रतापूर्वक मना कर दिया था. उन्होंने  कहा कि कोविड प्रोटोकोल की वजह से वे ऐसा कर रहे हैं. 
 
ऑनलाइन विदाई समारोह में चीफ जस्टिस और अन्य जजों के अलावा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, SCBA अध्यक्ष दुष्यन्त दवे और अन्य कई वरिष्ठ वकील मौजूद रहे. 

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