रेलवे की थाली में अब झटका vs हलाल पर बवाल, सिख संगठन की याचिका पर NHRC का नोटिस

भारतीय रेलवे में केवल हलाल मीट परोसने के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है. सिख संगठन की याचिका पर NHRC ने रेलवे बोर्ड, FSSAI और संस्कृति मंत्रालय को नोटिस जारी किया है. आयोग ने इसे भोजन के विकल्प के अधिकार, सिख धार्मिक आचार संहिता और रोजगार में भेदभाव से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है.

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भारतीय रेलवे को NHRC ने नोटिस जारी किया है. (File Photo) भारतीय रेलवे को NHRC ने नोटिस जारी किया है. (File Photo)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

भारतीय रेलवे की थाली में परोसे जाने वाले नॉनवेज भोजन को लेकर झटका बनाम हलाल विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है. सिख संगठनों की ओर से दायर याचिका पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने रेलवे बोर्ड, FSSAI और संस्कृति मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया है.

NHRC ने अपने नोटिस में कहा है कि अगर रेलवे में केवल हलाल मांस परोसा जा रहा है, तो यह उपभोक्ताओं के भोजन के विकल्प के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है. साथ ही, इसे सिख धर्म की आचार संहिता यानी सिख रहत मर्यादा के खिलाफ भी बताया गया है.

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NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस मुद्दे पर कहा, "सिख रहत मर्यादा सिखों को हलाल मांस के सेवन से रोकती है. अगर सिख उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं दी जा रही कि उन्हें किस तरह का मांस परोसा जा रहा है, तो यह उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है."

आयोग ने संस्कृति मंत्रालय से यह भी कहा है कि वह सभी खाने-पीने की दुकानों और संस्थानों को निर्देश दे कि वे स्पष्ट रूप से यह दिखाएं कि परोसा जाने वाला मीट हलाल है या झटका. NHRC का मानना है कि पारदर्शिता न होना धार्मिक स्वतंत्रता और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ है.

FSSAI को भेजे गए नोटिस में आयोग ने कहा है कि नॉनवेज फूड के सर्टिफिकेशन में इसका साफ तौर पर जिक्र होना चाहिए कि मीट झटका है या हलाल. इससे उपभोक्ता अपनी धार्मिक और व्यक्तिगत मान्यताओं के अनुसार निर्णय ले सकेंगे.

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प्रियंक कानूनगो ने रोजगार से जुड़े पहलू पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "दारुल उलूम देवबंद के अनुसार हलाल वही माना जाता है जिसमें पशु बलि केवल मुसलमान द्वारा दी गई हो. इससे हिंदू दलित समुदायों को रोजगार के अवसरों से वंचित किया जाता है, जो परंपरागत रूप से पशु बलि और मांस बिक्री से जुड़े रहे हैं."

उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उन्हें किस तरह का नॉनवेज परोसा जा रहा है. अपने बयान में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा, "यहां तक कि मुस्लिम देश की एविएशन कंपनी एतिहाद एयरलाइंस भी यात्रियों को हलाल और हिंदू झटका भोजन का विकल्प देती है."

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