भारत ने पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी, इसमें दावा किया गया था कि मसूद ने हाल ही में बहावलपुर में एक सार्वजनिक सभा में भाषण दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अगर ये रिपोर्ट सही है, तो इससे आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में पाकिस्तान का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है.
जयसवाल ने कहा कि हम मांग करते हैं कि उसके (अजहर) खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उसे न्याय के कटघरे में लाया जाए. उन्होंने कहा कि अगर रिपोर्ट सही है, तो इससे पाकिस्तान का दोहरापन उजागर होता है. मसूद अजहर भारत पर सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमलों में शामिल है और हम चाहते हैं कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
हाल ही में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर ने पाकिस्तान के बहावलपुर में एक सार्वजनिक भाषण दिया, जो 21 वर्षों में उसका पहला सार्वजनिक संबोधन था. मसूद अजहर ने इस भाषण में उन देशों की आलोचना की, जिन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करना बंद कर दिया है. यह भाषण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों का कारण बना और पाकिस्तान की सैन्य भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं.
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने सीरिया को लेकर कहा कि हमने सीरिया के उत्तर में लड़ाई में हालिया वृद्धि को देखा है. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें 14 संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठनों में काम कर रहे हैं. हमारा मिशन हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए उनके साथ निकट संपर्क में है.
बता दें कि सीरिया में हमा पर कब्जे के लिए विद्रोही लड़ाके पिछले 3 दिनों से सेना के साथ लड़ रहे थे. सेना ने आरोप लगाया कि विद्रोहियों ने डिफेंस लाइन को तोड़ने के लिए आत्मघाती हमले किए थे. इस दौरान विद्रोहियों से लड़ते हुए कई सैनिक मारे गए हैं. हमा सीरिया का चौथा सबसे बड़ा शहर है.
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