Exclusive: पेन ड्राइव और मोबाइल लेकर आया था डेमचोक में पकड़ा गया चीनी सैनिक

लद्दाख के डेमचोक में भारतीय सुरक्षाबलों ने चीन के एक सैनिक को पकड़ा था. हालांकि, मंगलवार रात को भारत ने उस चीनी सैनिक को चीन को वापस सौंप दिया था. चीन के इस सैनिक को लेकर अब एक अहम जानकारी सामने आई है. चीनी सैनिक को जब हिरासत में लिया गया था तो उसके पास से एक खाली पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और एक स्लीपिंग बैग पाया गया था. 

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लद्दाख के डेमचोक में पकड़ा गया था चीनी सैनिक (फाइल फोटो) लद्दाख के डेमचोक में पकड़ा गया था चीनी सैनिक (फाइल फोटो)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST
  • डेमचोक में भारतीय सुरक्षाबलों ने चीन के एक सैनिक को पकड़ा था
  • सैनिक के पास से खाली पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और एक स्लीपिंग बैग मिला
  • प्रोटोकॉल के अनुसार भारत ने चीनी सैनिक को लौटाया

लद्दाख के डेमचोक में भारतीय सुरक्षाबलों ने चीन के एक सैनिक को पकड़ा था. हालांकि, मंगलवार रात को भारत ने उस चीनी सैनिक को चीन को वापस सौंप दिया था. चीन के उस सैनिक को लेकर अब एक अहम जानकारी सामने आई है. चीनी सैनिक को जब हिरासत में लिया गया था तो उसके पास से एक खाली पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और एक स्लीपिंग बैग पाया गया था. 

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सूत्रों ने आजतक को बताया कि चीनी सैनिक एक स्लीपिंग बैग, एक खाली पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और सैन्य पहचान पत्र के साथ पाया गया था. घटना के बारे में एक बयान में सेना ने कहा था कि चीनी सैनिक को ऑक्सीजन, खाना और गर्म कपड़े सहित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई थी. सेना ने चीनी सेना से कहा था कि औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार लौटा दिया जाएगा.

हिरासत में लिए गए चीनी सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लांग के रूप में हुई. वह 19 अक्टूबर 2020 को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भटक गया था. PLA का दावा था कि उसका सैनिक चरवाहे की याक ढूंढने में मदद करते हुए रात को खो गया था और इस दौरान वह भारतीय सीमा में पहुंच गया.

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क्या कहता है नियम

बता दें कि शांति काल में जब भी किसी देश का सैनिक दूसरे देश में पाया जाता है तो सबसे पहले उसक तलाशी ली जाती है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा डर जासूसी का होता है. इसके बाद पकड़े गए शख्स की पहचान पता की जाती है. उसके बात उसके पकड़े जाने की सूचना दूसरे पक्ष को दी जाती है.

अभी भारत और चीन के बीच युद्ध या संघर्ष जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए भारत ने अतंरराष्ट्रीय कायदे कानून का सम्मान करते हुए इस चीनी सैनिको रिहा करने का फैसला किया.

 

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