'भगवान शिव हमारी सुरक्षा के मोहताज नहीं', दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए मंदिर के ध्वस्तीकरण के आदेश

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने आधे-अधूरे मन से यह दलील दी कि मंदिर के देवता होने के नाते भगवान शिव को भी वर्तमान मामले में पक्षकार बनाया जाना चाहिए. यह दलील पूरे विवाद को अलग रंग देने का एक हताश प्रयास है.

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संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि भगवान शिव हमारी ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा के मोहताज नहीं हैं. उन्हें हमारी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में स्थित अवैध शिव मंदिर को गिराने की अनुमति दी. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यमुना नदी के तल और बाढ़ क्षेत्र को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कर दिया जाए तो भगवान शिव अधिक प्रसन्न होंगे. कोर्ट ने कहा कि हम लोग ही भगवान शिव का आशीर्वाद चाहते हैं. 

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कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने आधे-अधूरे मन से यह दलील दी कि मंदिर के देवता होने के नाते भगवान शिव को भी वर्तमान मामले में पक्षकार बनाया जाना चाहिए. यह दलील पूरे विवाद को अलग रंग देने का एक हताश प्रयास है. यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि भगवान शिव को हमारी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है. बल्कि हम लोग उनकी सुरक्षा और आशीर्वाद चाहते हैं.

कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि अगर यमुना नदी के तल और बाढ़ क्षेत्र को सभी अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण से मुक्त कर दिया जाए तो भगवान शिव अधिक प्रसन्न होंगे.

बता दें कि हाईकोर्ट ने गीता कॉलोनी में ताज एन्क्लेव के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर को हटाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा पारित ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया.

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