कुश्ती संघ के प्रमुख ब्रजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहलवानों के समर्थन में आज दिल्ली, यूपी और हरियाणा में जगह-जगह प्रोटेस्ट हुए. NSUI, यूथ कांग्रेस और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया. भारतीय किसान यूनियन के नेता और खाप चौधरी नरेश टिकैत ने आज पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में आज एक महापंचायत बुलाई. इसमें चार राज्यों के खाप चौधरी पहुंचे और पहलवानों के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय हुई. उधर, बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें कुछ पुरानी बातें दोहराईं और पहलवानों की मंशा पर सवाल भी उठाए.
दूसरी तरफ हरियाणा के बलाली गाँव से ताल्लुक रखने वाले द्रोणाचार्य अवार्ड विनर पूर्व पहलवान महावीर सिंह फोगट ने कहा कि बेटियों की हालत देखी नहीं जा सकती और देश के लोग मौजूदा सरकार को वैसे ही बाहर निकाल देंगे जैसे अंग्रेजों को भगाया था. वैसे महावीर फोगट और उनकी बेटी बबीता फोगाट ने 2019 में बीजेपी भी ज्वाइन किया था. बीजेपी नेता और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज इस मसले पर कहा कि हमने अबतक खिलाड़ियों की सभी मांगें मानी हैं और वह मामले को संवेदनशील तरीके से देख रहे हैं.
तो मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में जो खापों का जुटान हुआ था, उसमें कौन लोग आये थे और पहलवानों के समर्थन में मंच से क्या बातें कही गईं? आंदोलन के लिए आगे की जो रणनीति तय हुई है, क्या यहाँ से और ज़ोर पकड़ेगा ये आंदोलन? साथ ही, इस प्रोटेस्ट से क्या बीजेपी को हरियाणा में कोई सियासी नुक़सान उठाना पड़ सकता है, सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.
दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में पूर्व डेप्युटी सीएम और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है. परसों दिल्ली हाई कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब इस मामले में एक और आरोपी शरथ रेड्डी ने सरकारी गवाह बनने की बात कही है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शरथ रेड्डी के सरकारी गवाह बनने की याचिका स्वीकार कर ली है. इससे पहले एक और आरोपी दिनेश अरोड़ा ने भी कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह सरकारी गवाह बनने को तैयार है. तो ये दोनों लोग हैं कौन, इन पर किस तरह के आरोप लगे थे और ये सरकारी गवाह बनने को क्यों तैयार हुए? क्या इनके सरकारी गवाह बनने से मनीष सिसोदिया की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.
देश का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, क़रीब एक महीने पहले भड़की जातीय हिंसा की आग से अब तक उबर नहीं पाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 मई को हिंसा प्रभावित राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर इम्फ़ाल पहुँचे. इस दौरान उन्होंने हिंसा के चलते पैदा हुई स्थिति का आकलन किया और शांति बहाली के लिए कई बैठकें भी कीं. आज उनके इस दौरे का आख़िरी दिन था और उन्होंने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया.
तो मणिपुर में सुरक्षा और शांति व्यवस्था की बहाली को लेकर गृह मंत्री ने क्या बड़े ऐलान किए, उनके दौरे का कितना असर ग्राउंड पर दिखा और अभी वहां हालात कैसे हैं, सुनिए 'दिन भर' की तीसरी ख़बर में.
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने हैं. देश के 50वें चीफ़ जस्टिस के तौर पर उनका नाम सामने आने के बाद से ही वो लगातार चर्चा में बने हुए हैं. बड़े बड़े केसों में सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों के चलते वो सोशल मीडिया पर हो रही बहस के केंद्र में पाए जाते हैं. और अक्सर ट्रोलर्स के निशाने पर भी होते हैं. एक सुनवाई के दौरान उन्होंने ये ज़िक्र भी किया था कि जज अपवाद नहीं हैं और वो भी ट्रोलिंग के शिकार हैं.
मार्च महीने में विपक्षी खेमे के 13 सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखकर शिकायत भी कि थी कि चीफ जस्टिस के पीछे एक बड़ी ट्रोल आर्मी पड़ी हुई है और ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ एक्शन लिया जाना चाहिए. अमेरिका की युनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में एसोसिएट प्रोफ़ेसर जॉयजीत पाल ने सीजेआई की ट्रोलिंग के मसले पर ट्विटर को खंगाला और इसे सही पाया. मैंने उनसे जाना कि कौन लोग हैं जो चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को बेख़ौफ़ होकर ट्रोल कर रहे हैं? जस्टिस चंद्रचूड़ के लिए किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है, सुनिए 'दिन भर' की आख़िरी ख़बर में.
कुमार केशव / Kumar Keshav