फिर खुली चीन की पोल, प्रोपेगेंडा वीडियो के लिए हॉलीवुड फिल्मों से चुराए सीन

PLA एयर फोर्स (PLAAF) ने एक 'बॉम्बर अटैक' वीडियो बनाया है और इसे अपने आधिकारिक वीबो हैंडल पर पब्लिश किया है. वीडियो में चीनी H-6 बमवर्षकों को एक अमेरिकी बेस पर मिसाइल गिराते और बमबारी करते दिखाया गया है. 

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

कर्नल विनायक भट (रिटायर्ड)

  • नई दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST
  • चीन ने प्रोपेगेंडा वीडियो के लिए चुराए सीन
  • एयरबेस पर पार्क किए गए B-2 बॉम्बर पर इंगित किया गया
  • परमाणु बमों के विस्फोट से पृथ्वी की कक्षा बदली

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) लगता है बहुत ज्यादा हॉलीवुड फिल्में देख रही है. इसी चक्कर में उन पर रील लाइफ खलनायकों का काफी प्रभाव आ गया लगता है. उनकी ओर से जारी एक प्रोपेगेंडा वीडियो में तीन हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर्स से सीन्स चुराना इसकी ताजा मिसाल है.  

PLA एयर फोर्स (PLAAF) ने एक 'बॉम्बर अटैक' वीडियो बनाया है और इसे अपने आधिकारिक वीबो हैंडल पर पब्लिश किया है. वीडियो में चीनी H-6 बमवर्षकों को एक अमेरिकी बेस पर मिसाइल गिराते और बमबारी करते दिखाया गया है. 

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यह वीडियो हाल में शांक्सी प्रांत में बौद्ध धर्म के फुयुन मंदिर को गिराने की घटना के बाद आया है. इसके अलावा एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर का ताजा लेकिन विचित्र बयान भी चर्चा में है जिसमें चीन को पूरी दुनिया पर परमाणु हमले करने के बारे में सुझाव दिया गया है.  

H-6 बॉम्बर वीडियो 

H-6 बमवर्षक वीडियो PLAAF के पॉलिटिकल ब्यूरो के प्रचार विभाग की ओर से तैयार किया गया है. हालांकि, इन कॉपीकैट्स को तत्काल जागरुक इंटरनेट यूजर्स ने पकड़ लिया. उन्होंने संकेत दिया कि वीडियो में हॉलीवुड की तीन फिल्मों- Hurt Locker, Transfarmers: Revenge of The Fallen  और The Rock  से सीन्स कॉपी किए गए. 

मिसाइल फायरिंग का दृश्य Transfarmers: Revenge of The Fallen से लिया गया है. जले हुए वाहन से उड़ने वाली धूल के स्पेशल इफैक्ट्स Hurt Locker  से है. वहीं फायरबाल का उठना The Rock  से कॉपी किया गया है.  

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एफ -18 की ओर से अलकैट्राज पर बमबारी के दृश्य में बिना कोई क्रेडिट दिए प्लैजरिम का सीधा मामला बनता है. इसको आधिकारिक मुखपत्र ‘द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ में जायज ठहराया गया है. कहा गया है कि पीएलए प्रचार विभाग की ओर से अपने प्रोडक्शंस को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए हॉलीवुड क्लिप्स को ‘उधार’ लेना आम बात है. 

वीडियो  7 जून, 2006 की सैटेलाइट तस्वीर के जरिए गुआम एयरबेस की काल्पनिक टारगेटिंग को दिखाता है. 

टारगेट को गुआम एयरबेस पर पार्क किए गए B-2 बॉम्बर पर इंगित किया गया है और इसका विनाश दिखाता है, संभवत: 7 मई, 1999 को ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्युनिशंस (JDAMs) के साथ B-2 बॉम्बर्स की बेलग्रेड दूतावास पर की गई बमबारी का बदला लेने के लिए.  

पूरी दुनिया का परमाणु विनाश! 

हाल ही में चीन के एक परमाणु वैज्ञानिक की ओर से तबाही का मत व्यक्त किया गया था. शेनयांग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर झाओ शेंगये ने अपने वैरीफाइड वीबो हैंडल पर पहले सुझाव दिया था कि चीन को अमेरिका के खिलाफ अपने परमाणु हथियारों को तैनात कर देना चाहिए. 

अब ‘द एपक टाइम्स’ के मुताबिक इसी प्रोफेसर ने एक इंटरव्यू में सुझाव दिया है कि चीन के पास परमाणु हथियारों को तैनात कर पूरी दुनिया को तीन तरीके से तबाह करने का प्लान होना चाहिए.  

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झाओ शेंगये की 12 सितंबर 2020 की ताजा पोस्ट में कुछ रणनीतियों का जिक्र किया गया. प्रोफेसर के मुताबिक इनका इस्तेमाल कर चीन पूरी दुनिया का परमाणु विनाश कर सकता है. 

- जब न्यूक्लियर वॉरहेड से भरी न्यूक्लियर पनडुब्बी को प्रशांत महासागर में विस्फोट से उड़ाया जाता है तो उठने वाली लहरें 2,000 मीटर से ऊंची हो सकती हैं. इससे सारा आसपास का क्षेत्र पानी में डूब जाएगा. 

- एक ही समय में हिमालय में हजारों परमाणु बमों के विस्फोट से पृथ्वी की कक्षा बदली जा सकती है. 

- सिचुआन बेसिन में 10,000 मीटर गहरी ड्रिलिंग और एक ही समय में हजारों परमाणु बमों को प्रत्यारोपित करने से पृथ्वी की धुरी टूट जाएगी और पूरी दुनिया से इंसान लुप्त हो जाएंगे.  

प्रोफेसर को ये सारे विकल्प सुझाते हुए चीन के पास उपलब्ध विखंडन सामग्री, उत्पादन क्षमताओं और इन हथियारों के रखरखाव पर होने वाले खर्च को ध्यान में रखना चाहिए था. प्रोफेसर को यह अहसास होना चाहिए था कि चीन के पास ऐसे किसी भी विकल्प लायक क्षमता नहीं है जिनका सुझावों में जिक्र किया गया.  

बौद्ध मंदिर का विध्वंस 

इंडिया टुडे की हालिया रिपोर्ट में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थानीय सरकार की ओर से  शांक्सी प्रांत में एक बौद्ध मंदिर को गिराए जाने की जानकारी दी गई. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना की तुलना अफगानिस्तान के बामियान में तालिबान की ओर से बुद्ध की प्रतिमा गिराए जाने से की गई. चीन में धार्मिक अल्पसंख्यकों उनके पूजा स्थलों को लेकर असहिष्णुता में भारी बढ़ोतरी हुई है. 

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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से दमन चीन में नई सामान्य बात है. यही वजह है कि चीन के लिए बाकी दुनिया की ओर से नियो-तालिबान या नए तालिबान जैसे संबोधन का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

(कर्नल विनायक भट (रिटायर्ड) इंडिया टुडे के लिए एक सलाहकार हैं. वे सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषक हैं, उन्होंने 33 वर्षों तक भारतीय सेना में सर्विस की) 

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