BJP के मुखपत्र में छपा मुस्लिम लीग का लेख, पाठकों को नहीं हुआ आंखों पर भरोसा! जानें पूरा मामला

नए साल के दिन केरल में एक अनोखी प्रिंटिंग मिस्टेक देखने को मिली, जब भाजपा के मुखपत्र जन्मभूमि में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अखबार चंद्रिका का संपादकीय पृष्ठ छप गया. इस गलती ने राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी.

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केरल में बीजेपी के मुखपत्र 'जन्मभूमि' में मुस्लिम लीग के अखबार 'चं​द्रिका' का संपादकीय पृष्ठ प्रकाशित हो गया. (Photo: PTI) केरल में बीजेपी के मुखपत्र 'जन्मभूमि' में मुस्लिम लीग के अखबार 'चं​द्रिका' का संपादकीय पृष्ठ प्रकाशित हो गया. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • ​तिरुवनंतपुरम,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

अगर भाजपा के मुखपत्र के पाठकों को नए साल के दिन मुस्लिम लीग द्वारा संचालित अखबार का संपादकीय पढ़ने को मिल जाए, तो? केरल में ठीक यही हुआ और यह दिलचस्प वाकया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया. नए साल (1 जनवरी, 2026) के मौके पर भाजपा के आधिकारिक मुखपत्र 'जन्मभूमि' के कन्नूर–कासरगोड क्षेत्रीय संस्करण में गलती से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के मुखपत्र 'चंद्रिका' का संपादकीय पेज छप गया. 

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इस गलती ने केरल की राजनीति में हलचल से ज्यादा मनोरंजन पैदा किया. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिकली शिहाब थंगल को कन्नूर के एक पार्टी कार्यकर्ता का फोन आया, जिसने बताया कि उनका लेख जन्मभूमि में प्रकाशित हुआ है. थंगल ने पहले इसे मजाक समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि उनका लेख वास्तव में भाजपा समर्थक अखबार में छप गया है.

यह भी पढ़ें: केरल में BJP के बढ़ते कदम के लिए कांग्रेस जिम्मेदार... CM पिनराई विजयन ने त्रिशूर पंचायत का दिया हवाला

थंगल के लेख के साथ-साथ IUML नेता एमके मुनीर का लेख और ‘A Left Front in Crumbles’ शीर्षक वाला संपादकीय भी जन्मभूमि के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हुआ. हालांकि अखबार के अन्य सभी पृष्ठ सामान्य ही रहे. बताया गया कि यह गड़बड़ी छपाई के दौरान तकनीकी त्रुटि के कारण हुई, क्योंकि दोनों अखबार एक ही प्रेस से छपते हैं. यह चूक केवल कन्नूर और कासरगोड संस्करणों तक सीमित रही. भाजपा और मुस्लिम लीग के बीच गहरी वैचारिक खाई के बावजूद इस 'एडिटोरियल क्रॉसओवर' ने सोशल मीडिया पर खूब हंसी-मजाक पैदा किया.

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सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता एमवी जयराजन ने इस घटना पर तंज कसते हुए कहा कि दो अखबार मिलकर एक हो गए हैं और इससे मुस्लिम लीग व भाजपा की कथित नजदीकी उजागर होती है. उन्होंने व्यंग्य में दोनों अखबारों के गठजोड़ को 'चंद्रभूमि' (जन्मभूमि और चंद्रिका) करार दिया. केरल के मुख्यमंत्री के प्रेस सचिव पीएम मनोज ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए चुटकी ली. उन्होंने कहा कि एक ही प्रेस से दो अखबार छपने पर गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन यह हैरान करने वाला है कि जन्मभूमि में छपे चंद्रिका के संपादकीय में भाजपा की राजनीति पर एक भी पंक्ति नहीं थी. उन्होंने इसे वैचारिक मेलजोल का उदाहरण बताया.
 

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