खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की पहलवानों से अपील, ऐसे कदम न उठाएं जिससे खेल को नुकसान पहुंचे

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों से अपील की है कि वह कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे खेल को नुकसान पहुंचे, इसके साथ ही उन्होंने पहलवानों से धैर्य बनाए रखने को कहा है. बता दें कि पहलवान मंगलवार को हरिद्वार पहुंचे थे और यहां वह गंगा में अपने मेडल बहाने वाले थे.

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खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (फाइल फोटो) खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2023,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों से अपील की है कि वह कोई ऐसा कदम न उठाएं, जिससे खेल को नुकसान पहुंचे. असल में पहलवान मंगलावर को गंगा नदी में अपने पदक विसर्जित करने पहुंचे थे. उनके ये कदम उठाए जाने के एक दिन बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदर्शन कर रहे पहलवानों से ये अपील की है. ठाकुर ने पहलवानों से धैर्य रखने और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों की जांच पर भरोसा करने का भी आग्रह किया. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, 'मैं पहलवानों से अनुरोध करता हूं कि जांच के नतीजे आने तक धैर्य रखें.

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खाप और किसानों नेताओं के समझाने पर माने पहलवान
बता दें कि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की ये टिप्पणी साक्षी मलिक, विनेश फोगट और बजरंग पुनिया सहित देश के शीर्ष पहलवानों के अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ अपने पदकों को गंगा नदी में विसर्जित करने के लिए हर की पौड़ी पहुंचने के एक दिन बाद आई है, लेकिन खाप और किसान नेताओं ने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए मनाया. उधर, पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जिन पर कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है.

बृजभूषण ने फिर किया पहलवानों पर पलटवार
वहीं, बुधवार को कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर पहलवानों के आरोपों पर पलटवार किया. बृजभूषण सिंह ने कहा कि भगवान मुझसे कुछ बड़ा काम कराना चाहते हैं, इसलिए मुझपर ये आरोप लगा दिए गए. इतना ही नहीं बीजेपी सांसद ने एक बार फिर दोहराया कि मेरे खिलाफ एक भी आरोप सिद्ध हुआ तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा.

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रविवार को जंतर-मंतर पर हुआ था भारी हंगामा
बता दें कि पहलवानों ने रविवार को जंतर-मंतर से नए संसद भवन तक मार्च का ऐलान किया था. इसके साथ ही पहलवानों ने इस दौरान महिला महापंचायत भी बुलाई थी. उन्होंने यह सारे ऐलान उसी दिन के लिए, जिस दिन नई संसद का उद्घाटन होना था. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने महिलाओं को मार्च की इजाजत नहीं दी थी. साथ ही जंतर मंतर पर ही भारी सुरक्षाबल तैनात कर बैरिकेडिंग लगाई गई थी. रविवार को पहलवानों ने नए संसद भवन से तीन किलोमीटर दूर जंतर-मंतर से मार्च शुरू किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान पहलवानों ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का मुक्की और हाथापाई हुई थी.

 

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