अमरनाथ यात्रा के पहले दिन शनिवार को 13,000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन किए. तीर्थयात्रियों का पहला जत्था बालटाल और नुनवान में स्थित दो बेस कैंप से रवाना हुआ. पहले दिन 13,736 तीर्थयात्री पवित्र गुफा में दर्शन के लिए पहुंचे. तीर्थयात्रियों में 3,300 महिलाएं, 52 बच्चे, 102 साधु और 682 सुरक्षाकर्मी शामिल थे. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू के भगवती नगर में यात्री निवास स्थित बेस कैंप से 4,603 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों सुरक्षाकर्मियों को मार्ग पर तैनात किया गया है, सुरक्षा को लेकर हवाई निगरानी भी की जा रही है. बता दें कि पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा की शुरुआत पर तीर्थयात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान शिव के दर्शन से उनके अनुयायियों में अपार ऊर्जा का संचार होता है.
प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा कि पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी तीर्थयात्रियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी यह यात्रा भगवान शिव के भक्तों में अपार ऊर्जा का संचार करती है. उनके आशीर्वाद से सभी भक्त समृद्ध हों, जय बाबा बर्फा.
वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. अमित शाह ने X पर लिखा कि श्री अमरनाथ यात्रा भारतीय संस्कृति की परंपरावाद और निरंतरता का शाश्वत प्रतीक है, यह दिव्य यात्रा आज से शुरू हो रही है. मैं सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए शुभकामनाएं देता हूं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुखद यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है.
यात्रा के दौरान ध्यान रखें ये बात
- यात्रा से पहले जम्मू/कश्मीर डिवीजन से Radio Frequency Identification (RFID) कार्ड लेना अनिवार्य है. RFID कार्ड लेने जाने के लिए आपको अपना आधार कार्ड लेकर जाना होगा.
- सुरक्षा के लिए यात्रा के दौरान हर समय अपना आरएफआईडी टैग अपने गले में पहनें.
- यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में ऊनी कपड़े अपने साथ रखें क्योंकि कभी-कभी तापमान अचानक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर सकता है.
- छाता, विंड चीटर, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते अवश्य साथ रखें. अपने सामान को गीले होने से बचाने के लिए अपने कपड़े और खाने-पीने का सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें.
- किसी भी इमरजेंसी के लिए अपनी जेब में आपके साथ यात्रा करने वाले किसी भी यात्री का नाम/पता, मोबाइल टेलीफोन नंबर रखें.
- ऊंचाई पर होने वाली बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें.
- शराब, कैफीनयुक्त पेय या धूम्रपान न करें.
- अगर किसी जगह पर चेतावनी या डेंजर लिखा है तो वहां न रुकें.
- पवित्र गुफा के दर्शन के दौरान चप्पलों का उपयोग न करें क्योंकि रास्ते पर काफी उतार-चढ़ाव है, केवल लेस वाले ट्रैकिंग जूते ही पहनें.
- मार्ग पर किसी भी शॉर्टकट का प्रयास न करें क्योंकि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है.
- अपनी यात्रा के दौरान ऐसा कुछ भी न करें जिससे प्रदूषण हो या यात्रा क्षेत्र का पर्यावरण खराब हो.
राज्य में प्लास्टिक का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित है और कानून के तहत दंडनीय है.
- अपना सामान उठाने वाले कुलियों/घोड़ों/टट्टुओं के साथ समूह में यात्रा करें.
- यह सुनिश्चित करें कि समूह में शामिल सभी लोग आपकी नजर में रहें, ऐसा न हो कि आप अपने ग्रुप से अलग हो जाएं.
- यदि आपके ग्रुप का कोई सदस्य लापता है तो तुरंत पुलिस की सहायता लें.
- किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति के मामले में, तुरंत निकटतम शिविर निदेशक/विभिन्न स्थानों पर तैनात माउंटेन रेस्क्यू टीमों (एमआरटी) से संपर्क करें.
- पूरे यात्रा क्षेत्र में लंगरों में निःशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध है.
- अन्य राज्यों के प्रीपेड सिम कार्ड जम्मू-कश्मीर और यात्रा क्षेत्र में काम नहीं करेंगे.
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