भारत लौटे सभी यात्रियों पर जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए रखी जाएगी नजर

करीब 16 देशों में पैर पसार चुका नया स्ट्रेन अब भारत में भी दस्तक दे चुका है, जो पिछले कोरोना वायरस स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह स्ट्रेन 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक है. यूनाइटेड किंगडम से भारत आने वालों में 114 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले.

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UK से भारत लौटे 6 यात्रियों में कोरोना के नए स्ट्रेन मिले (पीटीआई) UK से भारत लौटे 6 यात्रियों में कोरोना के नए स्ट्रेन मिले (पीटीआई)

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST
  • 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आए सभी यात्रियों पर नजर
  • जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए नए स्ट्रेन का अध्ययन किया जाएगा
  • यूके से भारत आने वालों में 114 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले

पिछले 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों की रिपोर्ट को जीनोम सिक्वेंसिंग के अधीन किया जाएगा. हाल ही में यूनाइटेड किंगडम में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए केंद्र की रणनीति के हिस्से के तहत जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए अध्ययन किया जाएगा.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जीनोम सिक्वेंसिंग को लेकर जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, राज्य और जिला निगरानी अधिकारियों द्वारा अन्य लोगों पर नजर रखी जाएगी और आईसीएमआर दिशा-निर्देशों के अनुसार अगर उनके आने के पांचवें और 10वें दिन के बीच किसी में ऐसिम्प्टमैटिक के लक्षण पाए जाते हैं तो उनकी टेस्टिंग की जाएगी.

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दस्तावेज में कहा गया है, "पिछले 14 दिनों (9 से 22 दिसंबर तक) के दौरान भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में अगर किसी में ऐसिम्प्टमैटिक या कोरोना पॉजिटिव पाया जाता तो इसे जीनोम सिक्वेंसिंग के अधीन किया जाएगा."

114 लोग कोरोना पॉजिटिव

यूनाइटेड किंगडम से सामने आए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की मौजूदगी डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में दर्ज हो चुकी है. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लैब और महामारी विज्ञान (एपिडीमीअलाजिकल) निगरानी के लिए इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) की स्थापना की है और वायरस कैसे फैलता है और कैसे विकसित होता है, इसकी समझ में सहायता करते हुए देश में कोरोना वायरस के पूरे जीनोम सिक्वेंसिंग का विस्तार किया है.

करीब 16 देशों में पैर पसार चुका नया स्ट्रेन अब भारत में भी दस्तक दे चुका है, जो पिछले कोरोना वायरस स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह स्ट्रेन 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक है. यूनाइटेड किंगडम से भारत आने वालों में 114 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले.

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6 लोगों के लिए विशेष व्यवस्था

फिर इनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भारत के 10 अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजे गए. तब पता चला कि 6 लोगों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन है. हालांकि देश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा कम है.

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केंद्र द्वारा 10 क्षेत्रीय लैब्स की पहचान की गई है जहां राज्यों को कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का पता लगाने के लिए उनके कोरोना पॉजिटिव नमूनों का पांच प्रतिशत भेजना होगा.

देश में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (नई दिल्ली), डीबीटी - इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (भुवनेश्वर), डीबीटी-इन स्टेम-एनसीबीएस (बेंगलुरु), सीएसआईआर-आर्कियोलॉजी फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (हैदराबाद),  डीबीटी - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स (NIBMG), (कल्याणी, पश्चिम बंगाल), आईसीएमआर- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (पुणे) जैसे चुनिंदा प्रयोगशालाएं हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इन सभी 6 लोगों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नामित स्वास्थ्य केंद्रों में अकेले कमरे में रखा गया है और उनके नजदीकी संपर्क में आए लोगों को क्वारनटीन किया गया है.


 

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