एअर इंडिया ने हाल में उड़ान से पहले सांस परीक्षण (ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट) में फेल होने पर एक महिला पायलट को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया. महिला पायलट उस समय टेस्ट में फेल हो गई जब उन्हें दिल्ली से हैदराबाद के लिए उड़ान संचालित करनी थी.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पिछले सप्ताह हुई इस घटना के बाद पायलट को तीन महीने के लिए उड़ान कार्य से हटा दिया गया है. एअर इंडिया ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है. सभी निर्धारित विमान संचालकों के लिए DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) मानदंडों के तहत, चालक दल के प्रत्येक सदस्य को उड़ान ड्यूटी अवधि के दौरान फ्लाइट टेक ऑफ के पहले हवाई अड्डे पर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना होगा.
जब कभी चालक दल के सदस्य के टेस्ट का नतीजा ‘पॉजिटिव’ आता है, तो कड़ी सजा का प्रावधान है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि ऐसा पहले हुआ है या नहीं. यह उड़ान पूर्व और बाद में दोनों टेस्ट के लिए लागू है. जो पायलट पहली बार उड़ान पूर्व ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फेल होता है, उसे मानदंडों के अनुसार तीन महीने की अवधि के लिए फ्लाइट के उड़ान से निलंबित कर दिया जाता है.
पिछले साल DGCA ने शराब के सेवन के लिए विमान कर्मियों की चिकित्सा जांच की प्रक्रिया के मानदंडों में बदलाव किया था. नियमों के तहत, चालक दल का कोई भी सदस्य किसी भी दवा/फॉर्मूलेशन का सेवन नहीं करेगा या किसी भी ऐसे पदार्थ जैसे माउथवॉश/टूथ जेल या ऐसे किसी उत्पाद का उपयोग नहीं करेगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा हो.
कोई भी चालक दल सदस्य जो ऐसी दवा ले रहा है, उसे उड़ान कार्य शुरू करने से पहले कंपनी के डॉक्टर से परामर्श लेना होगा.
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