आज का दिनः अफगानिस्तान का आंखों देखा हाल जानें और क्या कम होगी खाने के तेल की कीमतें?

आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में आज हम चर्चा करेंगे कि क्या नेशनल एडिबल ऑयल मिशन से खाने के तेल की महंगाई कम हो सकती है? चर्चा अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की दहशत पर भी होगी. साथ ही इस पर भी बात करेंगे कि क्या सुष्मिता देव की मदद से त्रिपुरा की सत्ता में आ सकती है टीएमसी?

Advertisement
क्या काबू में आएंगी तेल की कीमतें (फाइल फोटो) क्या काबू में आएंगी तेल की कीमतें (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में आज हम चर्चा करेंगे कि क्या नेशनल एडिबल ऑयल मिशन से खाने के तेल की महंगाई कम हो सकती है? चर्चा अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की दहशत पर भी होगी. साथ ही इस पर भी बात करेंगे कि क्या सुष्मिता देव की मदद से त्रिपुरा की सत्ता में आ सकती है टीएमसी?

Advertisement

आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.

1. अफगानिस्तान में कैसे हैं हालात?

बदहवास चेहरे, भूखे-प्यासे लोग, सड़कों पर हथियार लहराकर बेख़ौफ घूमते तालिबानी लड़ाके, एयरपोर्ट के बाहर भगदड़ में छूटी हुई चप्पलें और सामान – यही तस्वीर है तालिबान के काबिज़ होने के बाद के अफग़ानिस्तान की, जहां हर तरफ डर का माहौल कायम है. और इसी माहौल में काबुल में भारतीय दूतावात के अधिकारियों को लेकर वायु सेना का एक जहाज़ एक सौ बीस लोगों को लेकर दिल्ली पहुंचा. इसी हवाई-जहाज़ में मौजूद थी कनिका गुप्ता भी, जो कि इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट हैं और पिछले तीन महीनों से अफगानिस्तान से रिपोर्टिंग कर रही थीं. आजतक रेडियो से कनिका गुप्ता ने ख़ास बातचीत की.

Advertisement

2. क्या कम होंगी खाने के तेल की कीमतें?

अब बढ़ती महंगाई की ख़बरों के बीच महंगाई को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किये गए एक फैसले की बात. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कल खाने के तेल की कीमतों को काबू करने से जुड़ा बड़ा फैसला हुआ, सीसीईए की बैठक में खाने की तेल के कीमतों के लिहाज़ से सरकार ने नेशनल एडिबल ऑयल मिशन का ऐलान किया है. 

सरकार के अनुसार इस मिशन का गोल देश में पाम ऑयल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है. और इसके लिए करीब 11 हजार करोड़ का आवंटन भी कर दिया गया है. खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किये जाने वाले तेलों की महंगाई पर, इम्पोर्ट के खर्चे को वजह बताकर अब तक बचती आई सरकार ने ये नया तरीका निकाला है और उसका कहना है कि इससे महंगाई कंट्रोल होगी.

मज़े की बात ये है कि कृषि मंत्री जब महंगाई को काबू में करने वाला ये बयान दे रहे थे , उसी समय एलपीजी सिलेंडर के दामों में पच्चीस रुपए बढ़ोतरी वाली ख़बर भी आ रही थी, या यूं कहें आ चुकी थी. बहरहाल, इस नीति यानी नेशनल एडिबल आयल मिशन ला कर खाने वाली तेलों की कीमत को कंट्रोल कर आत्मनिर्भर होने की चाहत क्यों है? क्या इससे खाद्य तेल की क़ीमतों में सुधार आएगा?

Advertisement

3. सुष्मिता देव के आने से TMC को क्या फायदा?

पश्चिम बंगाल में दमदार जीत के बाद अब ममता बनर्जी त्रिपुरा में अपनी सरकार बनाने को लेकर बेकरार है... त्रिपुरा में साल 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर ममता आज से ही कमर कसती हुई नज़र आती है, ममता ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिपलब कुमार देव की सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि त्रिपुरा में अबकी बार सरकार टीएमसी की ही होगी और त्रिपुरा में बंगाल की नीतियां लागू की जाएगी.

इसी बीच राज्य के पूर्व सीएम जितेन सरकार ने टीएमसी में शामिल होने के लिए पत्र भेजा है. साथ ही, TMC का साथ देने अब सुष्मिता देव जो कि असम से कांग्रेस की पूर्व लोकसभा सांसद हैं टीएमसी में शामिल हो गई हैं. वे अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री तक का पद संभाल चुकी हैं. उन्हें अब त्रिपुरा में उन्हें नेतृत्व देने की मांग लगातार उठ रही है. लेकिन आख़िर ममता बनर्जी की उत्सुकता त्रिपुरा को लेकर इतनी अधिक क्यों है और जितनी जद्दोजहद है, क्या वैसा जनाधार भी उनकी पार्टी के लिये पहले रहा है वहां?

19 अगस्त 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement