उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी की डीआईजी पी रेणुका देवी ने कई अहम जानकारियां साझा कीं हैं. उन्होंने बताया है कि एसआईटी को सीसीटीवी से कई सबूत मिले हैं. इस मामले में अब एसआईटी वीपआईपी एंगल की जांच में जुटी है. उधर, अमेरिकी सीनेट में 1984 में हुए सिख दंगों का मामला उठा. अमेरिकी सीनेटर पैट टूमी ने इन दंगों को आधुनिक भारत के इतिहास का काला साल बताते हुए सिखों पर हुए अत्याचार पर बात की. पढ़ें सोमवार सुबह की 5 बड़ी खबरें.
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी की डीआईजी पी रेणुका देवी ने कई अहम जानकारियां साझा कीं. उन्होंने बताया कि सीसीटीवी के माध्यम से एसआईटी को काफी सबूत मिले हैं. सभी गवाहों के बयान रिकॉर्ड कर लिए गए हैं. अब एसआईटी मामले में वीआईपी एंगल की पड़ताल में जुटी है.
UP: पंडाल में मौजूद थे 300 लोग, अचानक मची चीख-पुकार, भीषण त्रासदी में बदल सकता था भदोही अग्निकांड
यूपी के भदोही में दुर्गा पूजा पंडाल में लगी आग की घटना में मृतकों की संख्या 3 हो गई है. इस हादसे में 64 लोग बुरी तरह झुलसे हैं. 42 को वाराणसी रेफर किया गया. 10 लोगों को बीएचयू के सुपर स्पेशिएलिटी बर्न इमरजेंसी, 14 को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर और 3 को आईसीयू में भर्ती कराया गया.
अमेरिकी सीनेटर ने उठाया सिख दंगों का मुद्दा, सीनेट में कहा- 1984 आधुनिक भारतीय इतिहास का काला साल
अमेरिका की सीनेट में 1984 के सिख दंगों का मुद्दा उठा. अमेरिकी सीनेटर पैट टूमी ने साल 1984 को आधुनिक भारत के इतिहास का काला साल बताया. पैट टूमी ने सिख दंगों के दौरान सिखों पर अत्याचार के साथ ही अमेरिका के विकास और कोरोना काल में सिखों के योगदान की चर्चा की.
Mulayam Singh Yadav: मुलायम सिंह यादव की सेहत में सुधार नहीं, अभी भी ICU में
पीएम मोदी ने अखिलेश यादव से बातकर मुलायम सिंह का हाल चाल जाना. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वह हर संभव मदद और सहायता देने के लिए मौजूद हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, सीएम योगी ने अस्पताल में डॉक्टरों से सपा संरक्षक मुलायम सिंह को बेहतरीन इलाज मुहैया कराने ने लिए कहा है.
बेरोजगारी, आय में बढ़ती असमानता पर RSS ने जताई चिंता, गरीबी को 'दानव' जैसी चुनौती बताया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, हमें इस बात का दुख होना चाहिए कि 20 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और 23 करोड़ लोग प्रतिदिन 375 रुपये से भी कम कमा रहे हैं. गरीबी हमारे सामने एक राक्षस-जैसी चुनौती है. यह महत्वपूर्ण है कि इस दानव को खत्म किया जाए.
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