Aaj Ki Taza Khabar: पढ़ें 26 मई 2023 की शाम की टॉप खबरें और अन्य समाचार

सेंगोल को हिंदी में राजदंड कहा जाता है और इसका इस्तेमाल चोल साम्राज्य से होता आ रहा है. इस साम्राज्य का जब कोई राजा अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता था तो उसे सत्ता हस्तांतरण के रूप में सेंगोल देता था. सेंगोल देने की परंपरा चोल साम्राज्य से ही चली आ रही है. आखिरी बार 1947 में लॉर्ड माउंट बेटन ने जवाहरलाल नेहरू को सेंगोल सौंपा था. वहीं, कांग्रेस ने मोदी सरकार के नौ साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन नौ सालों में देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है. ऐसा क्यों है कि देश में महंगाई और बेरोजगारी आसमान छू रही है? क्यों अमीर और अमीर हुए हैं और गरीब और गरीब? सार्वजनिक संपत्तियों को मोदी जी के मित्रों को क्यों बेचा जा रहा है. आर्थिक विषमताएं क्यों बढ़ रही हैं?

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सेंगोल की खास तस्वीरें आईं सामने सेंगोल की खास तस्वीरें आईं सामने

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2023,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

सेंगोल को हिंदी में राजदंड कहा जाता है और इसका इस्तेमाल चोल साम्राज्य से होता आ रहा है. इस साम्राज्य का जब कोई राजा अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता था तो उसे सत्ता हस्तांतरण के रूप में सेंगोल देता था. सेंगोल देने की परंपरा चोल साम्राज्य से ही चली आ रही है. आखिरी बार 1947 में लॉर्ड माउंट बेटन ने जवाहरलाल नेहरू को सेंगोल सौंपा था. वहीं, कांग्रेस ने मोदी सरकार के नौ साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन नौ सालों में देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है. ऐसा क्यों है कि देश में महंगाई और बेरोजगारी आसमान छू रही है? क्यों अमीर और अमीर हुए हैं और गरीब और गरीब? सार्वजनिक संपत्तियों को मोदी जी के मित्रों को क्यों बेचा जा रहा है. आर्थिक विषमताएं क्यों बढ़ रही हैं? जानिए, शुक्रवार शाम की पांच सबसे बड़ी खबरें.

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1) शीर्ष पर 'नंदी' विराजमान, 5 फीट लंबाई... नई संसद में लगने वाले सेंगोल की Exclusive तस्वीरें

सेंगोल को हिंदी में राजदंड कहा जाता है और इसका इस्तेमाल चोल साम्राज्य से होता आ रहा है. इस साम्राज्य का जब कोई राजा अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता था तो उसे सत्ता हस्तांतरण के रूप में सेंगोल देता था. सेंगोल देने की परंपरा चोल साम्राज्य से ही चली आ रही है. आखिरी बार 1947 में लॉर्ड माउंट बेटन ने जवाहरलाल नेहरू को सेंगोल सौंपा था.

2) चीन से लेकर अडानी तक... मोदी सरकार के 9 साल पर कांग्रेस के 9 सवाल

कांग्रेस ने मोदी सरकार के नौ साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन नौ सालों में देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है. ऐसा क्यों है कि देश में महंगाई और बेरोजगारी आसमान छू रही है? क्यों अमीर और अमीर हुए हैं और गरीब और गरीब? सार्वजनिक संपत्तियों को मोदी जी के मित्रों को क्यों बेचा जा रहा है. आर्थिक विषमताएं क्यों बढ़ रही हैं?

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3) वंदे मातरम् के समय खड़े नहीं हुए ओवैसी के पार्षद, मेरठ में जमकर हंगामा और मारपीट

मेरठ नगर निगम में महापौर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में मारपीट हुई है. एआईएमआईएम और भाजपा के पार्षदों के बीच वंदे मातरम् गाने को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि AIMIM के पार्षद वंदे मातरम् के दौरान खड़े नहीं हुए थे. इससे नाराज बीजेपी पार्षदों ने उनके साथ बदसलूकी की और नौबत मारपीट तक आ गई.

4) 'मैं सिर्फ एक पार्टी से जुड़ा हुआ हूं और वो है...', बोले धीरेंद्र शास्त्री

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के गुजरात के चार शहरों में 26 मई से 7 जून तक कार्यक्रम होने हैं. इसी क्रम में वो दो दिवसीय दौरे पर सूरत पहुंचे हैं. यहां दिव्य दरबार से पहले उन्होंने कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान कहा कि मैं सिर्फ एक पार्टी से जुड़ा हुआ हूं और वो है बजरंग बली की".

5) 'टिश्यू पेपर की तरह इस्तेमाल करते हैं इमरान', PTI की महिला नेता का आरोप

इमरान खान की पार्टी पीटीआई की वरिष्ठ नेता फिरदौस आशिक अवान ने देश में नौ मई को हुई हिंसा का हवाला देकर शुक्रवार को पीटीआई छोड़ दी. फिरदौस का कहना है कि इमरान और पाकिस्तान को एक साथ देखा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि पार्टी की हिंसक और आतंकवादी गतिविधियों की वजह से वह पीटीआई से अलग हो गई हैं.

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