महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना 'शिवाजी स्मारक' को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोकने का आदेश दिया है. कुछ पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने मुंबई के अरब सागर तट पर बनने वाले 'शिवाजी स्मारक' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनके इसी पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है.
गैर सरकारी संस्था गोएनका कंजर्वेशन एक्शन ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और यह प्रोजेक्ट रोकने की मांग की थी. ये संस्था सुप्रीम कोर्ट से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट गई थी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पिटीशन को खारिज कर दिया. इसके बाद ये संस्था सुप्रीम कोर्ट गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक इस मामले की सुनवाई पूरी तरह से नहीं हो जाती है, तब तक 'शिवाजी स्मारक' का काम बंद रखा जाए.
सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस काम का वर्क ऑर्डर अक्टूबर महीने में ही निकला है, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने सीधे तौर पर कोर्ट को यह बताया कि अभी तक किसी भी प्रकार का काम वहां पर शुरू नहीं हुआ है.
इस मामले पर आजतक ने जब कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत से बात की तब उन्होंने आखिर में सुप्रीम कोर्ट से महाराष्ट्र सरकार के पक्ष में फैसला दिए जाने की उम्मीद जताते हुए बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट में सभी प्रकार की इजाजत ली है.
उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट में किसी भी प्रकार का काम रोकने का फैसला नहीं लिया है, याचिकाकर्ताओं की याचिका जिस तरह से हाई कोर्ट में खारिज हुई थी, उसी तरह से हमें आशा है कि सुप्रीम कोर्ट भी इसे खारिज कर देगा.'
बता दें मुंबई के नरीमन प्वाइंट के नजदीक एक बड़ा सा पत्थर है. ये पत्थर समंदर के बीच में है और इसी पर राज्य सरकार 'शिवाजी स्मारक' बनाना चाहती है. यह स्मारक तकरीबन 309 फीट ऊंचा होगा. स्मारक को देखने आने वाले पर्यटकों को शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र के इतिहास के बारे में अधिक जानकारी मिल सके, इसके लिए अलग-अलग कमरे बनाए जाने प्रस्तावित हैं.
इस स्मारक परिसर में शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म भी दिखाई जाएगी. इस परिसर में एक संग्रहालय भी बनाने की योजना है. इसमें महाराज शिवाजी के समय की वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा. यहां पर लगने वाली शिवाजी महाराज की भव्य मूर्ति प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार बनाने वाले हैं.
मयूरेश गणपतये