महाराष्ट्र के नागपुर में माता-पिता द्वारा 12 साल के नाबालिग को लोहे की जंजीर से बांधकर उसमें ताला लगाकर रखने की अमानवीय घटना सामने आई है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जिला बाल संरक्षण टीम ने बच्चे को जंजीर से मुक्त कराया. साथ ही अजनी पुलिस थाने में माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. वहीं बालक को मेयो अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया है. शनिवार शाम तक उसे बाल गृह भेजा जाएगा.
इसलिए जंजीर से बांधा
जानकारी सामने आई है कि बच्चा मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ शैतानी करता था. जिससे उसके माता-पिता त्रस्त हो गए थे. यही बहाना बनाकर माता-पिता उसे लोहे की जंजीर में ताला लगाकर घर के सामने बांधकर रखते थे. जानकारी के अनुसार यह सिलसिला 3 महीने से चल रहा था. जंजीर से बच्चे के हाथ-पैर में जख्म हो गए हैं.
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चाइल्ड हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर नाबालिग पर अमानवीय अत्याचार की सूचना मिलने पर महिला व बाल विकास अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल बाल संरक्षण दल गठित कर घटनास्थल पहुंचे. मौके पर बालक के हाथ जंजीर से बंधे थे और घर के सामने मुंडेर से जंजीर को ताला लगाकर रखा गया था. बच्चा काफी घबराया हुआ था. यह भयावह नजारा देख बाल संरक्षण दल की टीम चौंक गई और तत्काल जंजीर खोलकर नाबालिग को मुक्त किया.
बाल अधिकार टीम ने लोगों से की ये अपील
बाल अधिकार ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का रक्षण करना पूरे समाज की जिम्मेवारी है. समाज में बच्चों के साथ अन्याय, अत्याचार, हिंसा की घटना रोकने में भूमिका निभाना देश के नागरिक का कर्तव्य है. बाल अधिकार हनन से संबंधित घटना की जानकारी बाल संरक्षण टीम या पुलिस को सूचना को दें, ताकी उन्हें इस तरह की प्रताड़ना से बचाया जा सके.
नागपुर के डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी मुश्ताक पठान ने आज तक से बात करते हुए बताया है कि उन्हें 1098 पर शिकायत प्राप्त हुई थी कि किसी छोटे बच्चे को सलाखों से बांधकर रखा गया है. सूचना पर हमारी टीम जब पुलिस के साथ वहां पहुंची तब हमने बच्चे का रेस्क्यू किया. हमने बच्चे के मां-बाप के खिलाफ अजनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस जांच कर रही है. बच्चे के मां-बाप उसे पिछले तीन महीने से ऐसे बांधकर रखते थे.
योगेश पांडे