मुंबई एयपोर्ट पर बीएमसी के इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है. शख्स ने विदेशी नागरिक से पैसे लेकर उसे क्वारंटीन करने से बचाने की फिराक में था. अधिकारियों के मुताबिक, बीएमसी के सीनियर अधिकारी ने इस बात को स्वीकार किया कि उसने विदेशी नागरिक से पैसे लिए और उसे इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन से बचाने की बात कही थी. अधिकारियों का कहना है कि यह बहुत भारी लापरवाही है. इससे देश की कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर बुरा असर पड़ता. विदेशों में कोरोना के नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं. ऐसे में यह बहुत भारी चूक साबित हो सकती थी.
इस मामले में पुलिस ने बीएमसी के दिनेश गवांडे कुमार समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने दिनेश के पास से विदेशी नागरिक से लिए गए पैसे और फेक स्टैंप बरामद किए हैं. पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि आरोपी ने फेक स्टैंप कैसे बनवाएं. गवांडे को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है.
गौरतलब है कि 21 दिसंबर 2020 के बाद से बीएमसी और राज्य सरकार ने इंग्लैंड में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन सामने आने के बाद सख्ती बढ़ा दी है. यूरोप, मीडिल ईस्ट और अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए इंस्टिट्यूशनल क्वारंटी अनिवार्य कर दिया गया है. इस संदर्भ में अलग-अलग विभाग के लोगों को तीन शिफ्ट में काम पर भी लगाया गया है. अबतक 49 हजार से ज्यादा पैसेंजर आ चुके हैं. बीएमसी को पता चला था कि इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन को लेकर धांधली की जा रही है. सीआईएसएफ को सूचना मिली थी जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान गवांडे और दो अन्य लोगों की गलती सामने आई. ये लोग पैसे लेकर विदेशी यात्रियों को क्वारंटीन करने से बचा रहे थे. पुलिस ने गवांडे को रंगे हाथों पकड़ा. बीएमसी ने खुद ही मामले को पुलिस के सामने रखा और एफआईआर दर्ज कराई है. सागर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया गया है और दिनेश व अन्य दो को गिरफ्तार कर लिया गया है.पुलिस ने ऐसे लोगों के झांसे में ना आने की अपील की है.
सौरभ वक्तानिया