नागपुर महानगरपालिका चुनाव के दौरान शुक्रवार को नामांकन पत्र वापस लेने का अंतिम दिन था. इसी दिन नागपुर से एक अनोखा और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया. भारतीय जनता पार्टी के एक प्रत्याशी को नामांकन वापस लेने के दौरान अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा. बीजेपी ने महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग 13 से किसन गावंडे को उम्मीदवार घोषित किया था. उन्हें पार्टी की ओर से एबी फॉर्म भी दिया गया था. लेकिन अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने किसन गावंडे को अपना चुनाव नामांकन वापस लेने का निर्देश दिया.
जब इस फैसले की जानकारी इलाके के बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को मिली तो वे नाराज हो गए. कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस क्षेत्र से बीजेपी का ही पार्षद चुना जाना चाहिए. इसी नाराजगी में कार्यकर्ताओं ने किसन गावंडे और उनके परिवार को उनके घर में बंद कर दिया और बाहर से दरवाजे पर ताला लगा दिया.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
काफी देर तक घर के बाहर हंगामे की स्थिति बनी रही. इस दौरान किसन गावंडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने अपने कार्यकर्ताओं की भावना रखेंगे. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि इस इलाके से बीजेपी का पार्षद हो और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
नाराज कार्यकर्ताओं ने उठाया कदम
दरअसल बीजेपी ने प्रभाग 13 से किसन गावंडे और विजय होले दोनों को उम्मीदवार बनाया था. बाद में पार्टी ने किसन गावंडे से नामांकन वापस लेने को कहा. इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने यह कदम उठाया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने मौके पर पहुंचकर मध्यस्थी की. काफी समय बाद ताला खुलवाया गया. अंत में किसन गावंडे ने पार्टी के आदेश के अनुसार अपना नामांकन वापस ले लिया. हालांकि कई घंटों तक कार्यकर्ताओं का हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा.
योगेश पांडे