जिस मकान को लेकर आकाश ने चलाया था बल्ला, वो 2 दिन बाद टूटेगा!

इंदौर हाईकोर्ट ने उस जर्जर मकान को गिराने के लिए हरी झंडी दे दी है जिसको लेकर विवाद होने पर बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम अधिकारी की बैट से पिटाई की थी.

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इंदौर मकान विवाद  (Photo- AajTak) इंदौर मकान विवाद (Photo- AajTak)

रवीश पाल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 9:49 PM IST

इंदौर हाईकोर्ट ने उस जर्जर मकान को गिराने को हरी झंडी दे दी है जिसको लेकर विवाद होने पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम अधिकारी की बैट से पिटाई की थी.

हालांकि, उससे पहले हाइकोर्ट ने इंदौर नगर निगम से कहा है कि किरायेदार के लिए दो दिनों के अंदर रहने का वैकल्पिक इंतजाम करे, इसके बाद ही नगर निगम मकान गिराने की कार्रवाई करे.

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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट को गंजी कंपाउंड के मकान को गिराना कानूनी तौर पर गलत नहीं लग रहा, लेकिन जर्जर भवन को गिराने से पहले दो दिन के अंदर किरायेदार के लिए नगर निगम कम से कम तीन महीने के लिए रहने की अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करे, फिर गिराने की कार्रवाई करे.

कोर्ट ने विधायक की मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं हो सकती है, फिर चाहे वो कोई भी हो. कोर्ट ने कहा कि भारी बारिश में पुराने भवन गिरते हैं इसलिए ये कार्रवाई हो मगर मानवीय तरीके से. इस दौरान कोर्ट ने नगर निगम के कामकाज को सराहा और कहा कि तस्वीरों से साफ है मकान रहने लायक नहीं है.

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर भवन गिराने पहुंचे निगम अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से पीटा था. पिटाई से कर्मचारी को गंभीर चोटें आई थीं.

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