सिवनी मालवा विधानसभा सीट हौशंगाबाद जिले के अंतर्गत आती है. यहां की कुल जनसंख्या 86, 195 है. यहां के लोग खेती पर ज्यादा निर्भर रहते हैं. एशिया का सबसे बड़ा सोयाबीन प्लांट सिवनी मालवा में ही है.
यहां के चुनावी इतिहास की बात करें तो इस सीट पर 9 चुनाव हुए हैं, जिसमें से 6 बार कांग्रेस तो 3 बार बीजेपी को जीत मिली है. बीते दो चुनावों में इस सीट पर बीजेपी को ही जीत मिली. बीजेपी के सरताज सिंह यहां के विधायक हैं.
2013 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के दादा हजारी लाल को हराया था. सरताज सिंह को 78374 वोट मिले थे, वहीं दादा हजारी लाल को 65827 वोट मिले थे. दोनों के बीच हार जीत का अंतर 12 हजार से ज्यादा वोटों का था.
अगर 2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार भी बीजेपी को ही जीत मिली थी. सरताज सिंह इस बार भी चुनाव जीते थे और हारने वाले कांग्रेस के ही दादा हजारी लाल थे. सरताज सिंह को 2013 के मुकाबले कम वोट मिले थे. उनको 54132 वोट मिले थे. वहीं दादा हजारी लाल को 46287 वोट मिले थे. सरताज सिंह ने ये चुनाव 7 हजार वोटों से जीता था.
सरताज सिंह के बारे में
उज्जैन में जन्मे सरताज सिंह दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. इसके बाद वह अपने घर के ही बिजनेस में लग गए. उन्होंने राजनीति की शुरुआत 1970 में की. उन्होंने 1989 से 1996 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रामेश्वर नीखरा को लगातार मात दी.
इसके बाद 1998 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अर्जुन सिंह को हराया. 2004 में एक बार फिर उन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की. बीजेपी ने उन्हें 2008 में सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारा. इसके बाद से ही वह विधायक हैं. 2009 में वे मंत्री भी बने. 2016 में 75 साल से ज्यादा की उम्र होने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया.
2013 के चुनावी नतीजे
मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं.
देवांग दुबे गौतम