MP: BJP का गढ़ बनती जा रही घोड़ाडोंगरी सीट पर कांग्रेस को है जीत की तलाश

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा. 2016 में हुए उपचुनाव में बीजेपी के मंगल सिंह धुर्वे ने जीत हासिल की थी. उन्होंने कांग्रेस के प्रताप सिंह उईके को हराया था.

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शिवराज सिंह चौहान और अमित शाह शिवराज सिंह चौहान और अमित शाह

देवांग दुबे गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 5:08 AM IST

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यहां की कुल जनसंख्या 3 लाख 46 हजार 732 और 2 लाख 25 हजार 738 मतदाता हैं. इस सीट पर आदिवासी मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. यहां पर 60 फीसदी आदिवासी मतदाता हैं.

वर्तमान में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है. मंगल सिंह धुर्वे हैं यहां के विधायक हैं. 2016 के उपचुनाव में बीजेपी के मंगल सिंह धुर्वे ने कांग्रेस के प्रताप सिंह उईके को शिकस्त दी थी.

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इससे पहले 2013 के चुनाव में बीजेपी के सज्जन सिंह उईके ने कांग्रेस के ब्रम्हा को हराया था. सज्जन सिंह को 77793 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के ब्रम्हा को 69709 वोट मिले थे. सज्जन सिंह ने ब्रम्हा को 4 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था.

2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार भी बीजेपी को जीत हासिल हुई थी. बीजेपी के गीता रामगीलाल उईके ने कांग्रेस के प्रताप सिंह को हराया था. दोनों के बीच हार जीत का अंतर 8 हजार से ज्यादा वोट का था.

घोड़ाडोंगरी विधानसभा के सियासी इतिहास की बात करें तो अब तक हुए कुल 13 चुनावों में कांग्रेस ने 4 बार तो बीजेपी ने 6 बार जीत हासिल की है. वहीं जन संघ ने 2 बार और जनता पार्टी ने 1 बार जीत दर्ज की.

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अब जब विधानसभा चुनाव होने में कम समय बचा है तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां जीत के लिए तैयारियों में जुट गईं हैं. बीजेपी का प्रयास जहां एक बार फिर इस सीट पर जीत हासिल करने की है तो वहीं कांग्रेस इस सीट पर वापसी करने की कोशिश कर रही है.

बीजेपी के लिए वर्तमान विधायक मंगल सिंह धुर्वे टिकट के लिए प्रबल दावेदार हैं. बात कांग्रेस की करें तो पूर्व मंत्री प्रताप सिंह प्रबल दावेदार हैं.इसके अलावा ब्रम्हा भलावी और जिला पंचायत सदस्य राहुल उईके भी दावेदारों में शामिल हैं.

विकास के मामले में यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है. हालात ये हैं कि बुनियादी सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं लोग. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार इन तीनों मोर्चो में यह क्षेत्र काफी पीछे है.

2013 के चुनावी नतीजे

मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं.

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