डिंडोरी सीटः कांग्रेस का इतिहास दोहराने की लड़ाई लड़ेंगे ओमकार सिंह मरकाम

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और इसकी वजह से राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश भर में जनआशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं तो वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी सत्ता विरोधी लहर पर सवार होने के लिए पूरा दमखम लगा रही है.

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(फोटो-Reuters) (फोटो-Reuters)

वरुण शैलेश

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के उन दिग्गज उम्मीदवारों को मात देने के लिए किलेबंदी शुरू की है जो लगातार चुनाव में परचम लहराते रहे हैं. कांग्रेस के इन नेताओं में ओमकार सिंह मरकाम का नाम भी शामिल हैं. मरकाम के आदिवासियों के बीच बढ़ते प्रभाव से चिंतित भाजपा उन्हें मात देने के लिए कई रणनीतियों पर काम कर रही है.

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बताया जा रहा है कांग्रेस के 10 दिग्गज विधायकों को हराने के लिए भाजपा के संभागीय संगठनों मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है. एक तय फार्मूले के तहत कांग्रेस नेताओं को तोड़कर भाजपा में शामिल करने की कवायद भी की जा रही है.    

ओमकार सिंह मरकाम डिंडोरी विधानसभा क्षेत्र से लगातार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत रहे हैं. वैसे भी आदिवासी बहुल डिंडोरी विधानसभा सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है जिसे कायम रखना ओमकार सिंह मरकाम के लिए चुनौती साबित होगी. 2013 और 2008 के चुनावों में वह मध्य प्रदेश में जीत का हैट्रिक लगाने वाली भाजपा के उम्मीदवारों को शिकस्त दे चुके हैं.

कांग्रेस नेता ओमकार सिंह मरकाम ने 2013 के चुनावों में 43.84 प्रतिशत मत यानी 76,866 वोट पाकर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा के जयसिंह मरावी को 40.20 प्रतिशत मत यानी 70,478 वोट मिले थे. देखा जाए तो दोनों दलों के मत प्रतिशत में काफी कम अंतर है. 2008 के चुनाव में भी ओमकार सिंह मरकाम ने भाजपा के ओम प्रकाश धुर्वे को मात दे चुके हैं. उन्होंने 47286 वोट हासिल किए थे जबकि भाजपा के ओम प्रकाश धुर्वे को 42116 वोट मिले थे. 2008 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत में करीब तीन प्रतिशत का अंतर रहा.   

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ऐसे में दोनों दलों के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित यह सीट चुनौती वाली साबित होगी. भाजपा अपने किलेबंदी के जरिये इस सीट को कांग्रेस के कब्जे से मुक्त कराना चाहेगी, वहीं कांग्रेस के ओमकार सिंह मरकाम के लिए इतिहास को दोहराने की लड़ाई लड़नी होगी.

मध्य प्रदेश विधानसभा का समीकरण

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं. 230 में से 35 अनुसूचित जाति जबकि 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 148 गैर-आरक्षित सीटें हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 165 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी जबकि कांग्रेस को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 4 जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2013 में मध्य प्रदेश में कुल 4,66,36,788 मतदाता थे जिनमंम महिला मतदाताओं की संख्या 22064402 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 24571298 और अन्य वोटर्स 1088 थे. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

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