आज जब बेरोजगारी चरम पर है, हरदा के एक युवक की कहानी प्रेरणादायक हो सकती है. हरदा का एक युवक जिसकी उम्र अभी 32 साल है, बार-बार क्लास में फेल हुआ और फिर हाईस्कूल में क्लास टॉपर बना. हायर सेकेंड्री पास करते ही बैंक में नौकरी लगी लेकिन नौकरी नहीं की. यह युवक है महेंद्र दोगने, जिसे लोग एमडी के नाम से जानते हैं. एमडी के यूट्यूब पर करीब 37 लाख सब्सक्राइबर हैं जबकि फेसबुक पर 37 लाख फॉलोवर, इंस्टाग्राम पर 10 लाख तो एमएक्स पर करीब एक करोड़ फॉलोवर हैं.
एक सामान्य परिवार से आने वाले महेंद्र की कहानी कुछ अलग है. स्कूल में पढ़ाई में जब मन नहीं लगा तो फेल हो गए. फेल होने पर परिवार के लोगों और दोस्तों ने हंसी उड़ाई तो 10वीं में क्लास टॉपर बन गए. जैसे-तैसे 12वीं तक पढ़ाई की और इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) बैंक में क्लर्क की नौकरी भी मिली, लेकिन नौकरी इन्हें करनी नहीं थी.
महेंद्र ने करीब ढाई साल बाद अपने पिता के गैरेज पर करीब ढाई साल तक काम किया. एक दिन बहस हुई तो गैरेज पर जाना बंद कर दिया. महेंद्र ने इसके बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चेंज एकेडमी नाम से कोचिंग शुरू की. जल्द ही इस कोचिंग की हरदा में ही तीन ब्रांच खुल गई जिससे करीब एक लाख रुपये महीने की आमदनी भी होने लगी लेकिन उसे भी अचानक बंद कर दिया और इसके बाद रुख किया सोशल मीडिया का.
महेंद्र ने यूट्यूब चैनल शुरू किया और एक मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर अपनी पहचान बना ली. हरदा का महेंद्र दोगने सोशल मीडिया की दुनिया में एमडी नाम से छा गया. आज एमडी के दो यूट्यूब चैनल हैं जिनके 37 लाख सब्सक्राइबर हैं. एमडी के MX पर 10.6 मिलियन, फेसबुक पर 3.7 मिलियन फॉलोवर्स हैं. इंस्टाग्राम पर भी एमडी के एक मिलियन फॉलोवर्स हैं.
आज एमडी की सफलता पर उनकी माता अनसुइया देवी, पिता राधाकिशन और दोस्त, हर कोई खुश है. एमडी ने संघर्ष को सीख बताया और कहा कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से सीखकर आगे बढ़ा जा सकता है. एमडी ने युवाओं को आलस छोड़ने का मंत्र दिया और शादी के सवाल पर 32 साल के एमडी ने कहा कि सही समय पर सही निर्णय लिया जाएगा.
लोमेश कुमार गौर