झारखंड के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान रांची स्थित राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में पोस्टग्रेजुएट छात्रा गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर है. घटना गुरुवार रात हुई, जब 25 साल की छात्रा ने अस्पताल की कैंटीन से चाय पी थी.
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आजतक से विशेष बातचीत में कहा कि वो खुद इस मामले की जांच करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस होगा और किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की पहली वर्ष की एक पोस्टग्रेजुएट छात्रा गुरुवार रात गंभीर रूप से बीमार हो गई और चाय पीने के बाद बेहोश होकर गिर पड़ी. छात्रा गायनोकॉलॉजी विभाग से जुड़ी है और घटना उस समय हुई जब वो अपने साथियों के साथ नाइट ड्यूटी कर रही थी.
RIMS के पीआरओ डॉ. राजीव रंजन ने आजतक से बातचीत में बताया कि जब छात्रा ने कैंटीन से मंगाई गई चाय का पहला घूंट लिया तो उसमें मिट्टी के तेल जैसी बदबू और स्वाद महसूस हुआ. छात्रा नाइट ड्यूटी पर थी. वो अपने दोस्तों के साथ चाय लेने गई थी. जैसे ही उसने एक-दो घूंट लिया, उसने खराब स्वाद और बदबू की शिकायत की. इससे पहले कि कुछ किया जा पाता, उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी. तुरंत उसे इलाज के लिए ले जाया गया और बाद में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया.
RIMS प्रवक्ता डॉ. राजीव रंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि छात्रा वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. उन्होंने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अचानक हालत बिगड़ने की वजह क्या थी.
उन्होंने कहा, वो क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. जांच शुरू कर दी गई है ताकि हालत बिगड़ने के कारण का पता लगाया जा सके.
अब स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि अगर किसी भी मानक या एसओपी का उल्लंघन हुआ तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. किसी को भी सजा से छूट नहीं मिलेगी.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल साधारण फूड पॉइज़निंग का नहीं बल्कि कुछ और भी हो सकता है. छात्रा रात की ड्यूटी पर थी और कई डॉक्टरों ने कैंटीन से चाय ऑर्डर की थी.
चाय पीने के बाद तबीयत बिगड़ी
अधिकारियों ने बताया कि ड्यूटी के बाद छात्रा ने चाय का स्वाद लिया और कहा कि इसका स्वाद खराब है और गंध अजीब है. इसके बाद अन्य डॉक्टरों ने चाय नहीं पी. थोड़ी देर बाद छात्रा अचानक बीमार होकर बेहोश हो गई और उसे तुरंत इमरजेंसी में ले जाया गया.
कर्मचारी हिरासत में
पुलिस ने बताया कि जिसने चाय दी थी, उस कैंटीन कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामला स्पष्ट होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता जरूरी है और किसी भी संदिग्ध खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन तुरंत रोकना चाहिए. अस्पताल प्रशासन ने कहा कि छात्रा के स्वास्थ्य की निगरानी जारी है और पूरी टीम घटना की जांच में जुटी है.
सत्यजीत कुमार