जामताड़ाः तीन विधानसभा चुनावों से लगातार बदल रहे हैं विधायक

जामताड़ा को दुमका जिले से अलग करके नया जिला बनाया गया था. आज जामताड़ा देश में साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है. लेकिन कभी यहां पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने समाज सुधार के बड़े आंदोलन किए थे.

Advertisement
साइबर क्राइम के लिए जामताड़ा को पूरे देश में जाना जाता है. साइबर क्राइम के लिए जामताड़ा को पूरे देश में जाना जाता है.

aajtak.in

  • जामताड़ा,
  • 10 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

  • ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कर्मभूमि रही है जामताड़ा
  • समाज सुधार का गढ़ अब बना साइबर क्राइम हब

जामताड़ा को दुमका जिले से अलग करके नया जिला बनाया गया था. इसके उत्तर में देवघर, पूर्व में दुमका, पश्चिम में बंगाल और दक्षिण में धनबाद, प. बंगाल और पश्चिम में गिरिडीह जिला है. जामताड़ा देश में साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है. यहां के साइबर क्रिमिनल के निशाने पर देश की कई बड़ी हस्तियां तक आ चुकी हैं. जामताड़ा का इतिहास संथाल परगना से अलग नहीं है. 1855 में इस इलाके को ब्रिटिश जंगलेटेरी (जंगली तराई) कहते थे. इसमें संथाल परगना, हजारीबाग, मुंगेर और भागलपुर आते थे.

Advertisement

जामताड़ा के करमाटांड़ में ही बांग्ला लिपि और बांग्ला भाषा के पितामह कहे जाने वाले ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए. करमाटांड में वे केवल संथालों के साथ रहे ही नहीं बल्कि उन्होंने उनके सामाजिक उत्थान के लिए भी काफी प्रयास किया. उन्होंने संथाल की लड़कियों के लिए सबसे पहला औपचारिक विद्यालय प्रारम्भ किया जो शायद हमारे देश का संभवत: पहला औपचारिक बालिका विद्यालय था. विधवा विवाह के लिए बड़ा काम किया. उन्हीं के प्रयास से सरकार ने विधवा विवाह को मान्यता दी.

जामताड़ा की राजनीतिः तीन बार से लगातार बदल रहे हैं विधायक

जामताड़ा में भारतीय जनता पार्टी पिछली बार 2005 में विधानसभी चुनाव जीती थी. तब यहां से भाजपा के विष्णु प्रसाद भैया विधायक थे. 2009 में विष्णु प्रसाद भैया ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से चुनाव लड़ा. विधायकी जीत भी ली. लेकिन 2014 में कांग्रेस के इरफान अंसारी ने भाजपा के बिरेंद्र मंडल को 9137 वोटों से हराकर विधायक की कुर्सी पर कब्जा कर लिया. अब इस बार देखना ये है कि झामुमो और कांग्रेस क्या मिलकर भाजपा को चुनावी संग्राम से बाहर करती हैं या सीट गंवाती हैं?

Advertisement

जामताड़ा की आबादी 7.91 लाख, साक्षरता दर 64.59 फीसदी

2011 की जनगणना के अनुसार जामताड़ा की कुल आबादी 791,042 है. इसमें से 404,830 पुरुष और 386,212 महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 954 है. जिले की 9.6 फीसदी आबादी शहर और 90.4 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहती है. जिले की औसत साक्षरता दर 64.59 फीसदी है. पुरुषों में शिक्षा दर 63.79 फीसदी और महिलाओं में 43.51 फीसदी है.  

जामताड़ा की जातिगत गणित

  • अनुसूचित जातिः 72,885
  • अनुसूचित जनजातिः 240,489
जानिए...जामताड़ा में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं
  • हिंदूः 550,560
  • मुस्लिमः 164,406
  • ईसाईः 4,419
  • सिखः 520
  • बौद्धः 118
  • जैनः 783
  • अन्य धर्मः 68,564
  • जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 1,672
जामताड़ा में कामगारों की स्थिति

जामताड़ा की कुल आबादी में से 326,631 किसी न किसी तरह के रोजगार से जुड़ी है. इनमें से 37.5 फीसदी स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.

  • मुख्य कामगारः 122,434
  • किसानः 42,802
  • कृषि मजदूरः 26,814
  • घरेलू उद्योगः 6,154
  • अन्य कामगारः 46,664
  • सीमांत कामगारः 204,197
  • जो काम नहीं करतेः 464,411
जामताड़ा का पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत

जामताड़ा रेलवे स्टेशन से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है लाधना डैम. यहां हर रोज सैकड़ों पर्यटक आते हैं. यहां नौकायन करने का आनंद लेने लोग आते हैं. जामताड़ा में पर्वत विहार पार्क भी है. यह शहर के लोगों के लिए बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है. यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बेहद मनमोहक होता है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement