15 साल के इस कश्मीरी आतंकी ने बताया, पाकिस्तान का असली चेहरा क्या है!

'इंडिया टुडे' के वीडियो में 15 साल के आतंकी का चेहरा सामने आया है. उसने विस्तार से बताया है कि उसे आतंकी कारनामों के लिए कैसे तैयार किया गया लेकिन वह बाद में बच निकला.

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प्रतीकात्मक फोटो (रॉयटर्स) प्रतीकात्मक फोटो (रॉयटर्स)

रविकांत सिंह / खुशदीप सहगल / अजीत तिवारी / कमलजीत संधू

  • श्रीनगर,
  • 31 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

एक महीना पहले तक ग्यारहवीं में पढ़ने वाला वो पतला दुबला लड़का डॉक्टर बनने की ख्वाहिश लिए NEET  परीक्षा की तैयारी कर रहा था. इसके लिए वो अलग अलग विषयों के प्राइवेट ट्यूटर्स से ट्यूशन ले रहा था. 15 साल का रेहान (बदला हुआ नाम) 3 अक्टूबर को लापता हो गया. दस दिन बाद उसकी तस्वीरों ने हर किसी को हैरान कर दिया. सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों में रेहान  कलाश्निकोव लहराता नजर आ रहा था.

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दो हफ्ते से भी कम समय में ये किशोर तहरीक-उल-मुजाहिदीन (TuM) में शामिल हो चुका था. ये एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है जो उत्तरी कश्मीर में सक्रिय है. 

एक पुलिस नाके पर हथगोले से किए हमले के आरोप में रेहान को तब पकड़ा गया जब वो अपने कमांडर शौकत अहमद के साथ टवेरा वाहन में दक्षिण कश्मीर जा रहा था. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में शौकत अहमद मारा गया. सुरक्षा बलों ने रेहान को पकड़ लिया. उसे श्रीनगर में किशोर अपराधी गृह में ले जाया गया.

रेहान को टेप किए हुए अपने कबूलनामे में अफसोस जताने वाले लहजे में ये कहते सुना जा सकता है- ‘ये जिहाद नहीं है. किसी को नुकसान पहुंचाना जिहाद नहीं होता.’ इस टेप की कॉपी इंडिया टुडे के पास मौजूद है. 

रेहान ने माना कि वो 3 अक्टूबर को सक्रिय आतंकी बन गया था. तब वो शौकत अहमद के साथ सोपोर से लापता हुआ था. रेहान ने बताया, ‘हम बंदूक ले कर कई घरों में गए. अधिकतर लोगों ने तकरार के बावजूद हमें रहने के लिए जगह नहीं दी. कुछ लोगों ने दी.’

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जल्दी ही रेहान को समझ आ गया कि वो गलत दिशा में चल पड़ा है. रेहान ने कबूलनामे में कहा, ‘मुझे अहसास होना शुरू हो गया कि ये गलत रास्ता है, ये जिहाद नहीं है. हम लोगों से जबरदस्ती रहने की जगह देने के लिए लड़ाई नहीं कर सकते.’ 

रेहान ने रिकॉर्ड किए अपने कबूलनामे में दावा किया  कि वो इस सब से निकलना चाहता था लेकिन आतंकवादी उसे ऐसा नहीं करने दे रहे थे.

रेहान ने कहा, ‘मेरे अभिभावकों ने एक वीडियो भी बनाया जिसमें उन्होंने जिहाद में शामिल नहीं होने की अपील की. मेरी मां को हल्का दिल का दौरा भी आया. मैंने आतंकियों से कहा कि मैं घर वापस जाना चाहता हूं लेकिन उन्होंने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता. आतंकियों ने उसी शाम सोशल मीडिया पर मेरी तस्वीरें डाल दीं.’  

रेहान ने बताया कि उसके कमांडर शौकत अहमद ने पट्टन में नाका चेक-प्वाइंट पर पुलिस पर हथगोला फेंका था. वहीं से वो पकड़ा गया. FIR के मुताबिक हथगोले से हमला 17 अक्टूबर को हुआ था. रेहान ने अपने किए पर पछतावा जताते हुए कहा, ‘हथगोले से किए हमले में पुरुष, महिला, भाई, बहनें और पुलिसवाले घायल हुए. तभी मुझे अहसास हुआ कि ये जिहाद नहीं है. दूसरे व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाना जिहाद नहीं है. मैं खुदा का शुक्रगुजार हूं कि आज मैं ज़िंदा हूं.’   

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इत्तेफ़ाक से रेहान भी त्राल से ताल्लुक रखता है जहां का हिज्ब कमांडर बुरहान वानी था. वानी सुरक्षाबलों के साथ जुलाई 2016 में मुठभेड़ में मारा गया था. इससे पहले वानी ने दहशतगर्दी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था. 

रेहान ने कहा, ‘मैं आप सब से अपील करता हूं कि अगर आप जिहाद में शामिल होना चाहते हैं तो पहले देखें कि आप कहां खड़े हैं. ये गलत रास्ता है.’ 

जांचकर्ताओं ने बताया कि रेहान अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ रहा था. वो पारीपोरा भगत में, KAI से NEET के लिए ट्यूशन ले रहा था. उसके पुराने जानने वाले शौकत अहमद ने उसे TuM में शामिल होने के लिए तैयार किया क्योंकि इस आतंकी संगठन को हमले तेज करने के लिए लड़कों की तलाश थी. 

राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने इंडिया टुडे से कहा, ‘पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन इसी तरह ऑपरेट करते हैं, ये कोई नई बात नहीं है.’

बता दें कि इसी साल आतंकियों ने 150 स्थानीय युवकों को उठाया. मनान वानी जैसे स्कॉलरों और स्कूल जाने वाले छात्रों की ओर से हथियार उठाना सुरक्षाकर्मियों के लिए चिंता का विषय है.  

बारामुला के एसएसपी इम्तियाज हुसैन ने कहा, ‘ये सही है कि हम कुछ हिस्सों में नाकाम रहे हैं. एक समाज को युवाओं को हथियारों की तरफ मुड़ने से रोकना चाहिए. हमें सही काउंसलिंग देने की जरूरत है जो नहीं हो रहा है.’

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रेहान के गिरफ्तार होने के बाद TuM ने उसके साथ किसी तरह का नाता होने से इनकार किया तथा कहा गया कि वो कभी आतंकी संगठन में शामिल ही नहीं हुआ.

हालांकि पुलिस TuM के इस दावे को आंखों में धूल झोंकने की कोशिश मानती है. बारामुला के डीआईजी  अतुल गोयल ने कहा, ‘लड़का कार्रवाई (हथगोला फेंकते) में पकड़ा गया. सोशल मीडिया पर खंडन आतंकी संगठन की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है.’

FIR के मुताबिक रेहान ने दो अन्य के साथ डॉ इशाक नाम के शख्स से थोड़े समय के लिए हथियारों की ट्रेनिंग ली. श्रीनगर से वो जब अवंतिपोरा जा रहे थे तब पट्टन के पास पकड़े गए.

FIR में किशोर को TuM ने हार्डकोर आतंकी बताया है. उस पर हत्या की कोशिश के साथ एक्सप्लोसिव्स और पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं.

जिहाद में किशोरों के शामिल होने का रेहान का अकेला मामला नहीं है. सुरक्षाबलों से जुड़े एक टॉप सूत्र ने कहा कि हो सकता है कि 15-16 किशोरों का जत्था पत्थरबाज़ी करते करते हथियारों से लैस आतंकियों में तब्दील हो गया हो. 

एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, सिर्फ सुरक्षाबल ही नहीं समाज को भी युवाओं को बंदूक से दूर रखने में अहम भूमिका निभाने की जरूरत है.

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बता दें कि त्राल के ही रहने वाले 16 वर्षीय फरदीन अहमद खांडे ने साल का पहला आत्मघाती हमला किया था. फरदीन बाद में मारा गया था.

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