15 दिन बाद श्रीनगर के लाल चौक से हटाए गए बैरिकेड्स, शुरू हुई गाड़ियों की आवाजाही

घाटी में स्कूल खुल रहे हैं, लैंडलाइन सर्विस भी चालू कर दी गई है. अब इस बीच श्रीनगर के मशहूर लाल चौक पर भी बीते 15 दिनों से लगे हुए बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं.

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श्रीनगर के लालचौक से हटाए गए बैरिकेड्स (फोटो: AP) श्रीनगर के लालचौक से हटाए गए बैरिकेड्स (फोटो: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. घाटी में स्कूल खुल रहे हैं, लैंडलाइन सर्विस भी चालू कर दी गई है. अब इस बीच श्रीनगर के मशहूर लाल चौक पर भी बीते 15 दिनों से लगे हुए बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं. सुरक्षा की दृष्टि से लाल चौक पर बैरिकेड्स लगाए गए थे और लोगों को वहां पर जाने से रोका जा रहा था.

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6 अगस्त को अनुच्छेद 370 कमजोर होने के बाद से ही घाटी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात थे. श्रीनगर का लाल चौक काफी मशहूर है और शहर की धड़कन माना जाता है. शहर के व्यापार के हिसाब से भी इस जगह के काफी मायने हैं, क्योंकि मुख्य बाजार यही हैं. अक्सर कई तरह की रैलियां, प्रदर्शन भी यहीं हुआ करते हैं.

अब जब यहां से बैरिकेड्स हटाए गए हैं, तो ट्रैफिक में भी ढील दी जाएगी ताकि वाहनों के आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत ना आए. बता दें कि सोमवार से ही कश्मीर घाटी में स्कूल खुलना शुरू हुए हैं, बच्चों का भी स्कूल जाना शुरू हो गया है. मंगलवार को ही श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में भीड़भाड़ बढ़ी और वाहनों की आवाजाही भी तेज हुई.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अब धीरे-धीरे लगी पाबंदियों पर छूट दी जा रही है. कश्मीर के कुछ हिस्सों में 2G सर्विस शुरू कर दी गई है, लैंडलाइन सर्विस भी शुरू हो गई है. इसके अलावा स्कूल-बाजार भी खुलने शुरू हो गए हैं. कश्मीर से पहले जम्मू में धारा 144 हटा दी गई थी, हालांकि घाटी में अभी भी धारा 144 लागू है.

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कश्मीर में स्कूल भले ही खुल गए हों लेकिन बच्चों का जाना अभी भी कम ही है. अभिभावकों को डर है कि बच्चे अगर स्कूल बस में जाएंगे तो रास्ते में पत्थरबाजी की घटना हो सकती है, यही कारण है कि बच्चों को नहीं भेज रही है. हालांकि, प्रशासन की तरफ से लगातार सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं.

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