J-K: कश्मीरी पंडित की हत्या के दूसरे दिन अवंतीपोरा में एनकाउंटर, एक आतंकी मारा गया

जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में 26 फरवरी को आतंकियों ने एक कश्मीरी पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी थी. आतंकियों की गोली का शिकार बने संजय शर्मा पेशे से बैंक में सुरक्षा गार्ड हैं. घटना के बाद सुरक्षाबल ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी और आतंकियों की लगातार तलाश की जा रही थी. सोमवार की आधी रात इलाके में मुठभेड़ की खबर आई.

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मुठभेड़ में मारा गया आतंकी अकीब मुश्ताक भट. मुठभेड़ में मारा गया आतंकी अकीब मुश्ताक भट.

अशरफ वानी / कमलजीत संधू

  • श्रीनगर,
  • 28 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में कश्मीरी पंडित की हत्या किए जाने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं. घटना के दूसरे दिन स्थानीय पुलिस ने एनकाउंटर में एक आतंकी को मार गिराया है. संभावना है कि आतंकी टारगेट किलिंग की घटना में शामिल हो सकता है.

कश्मीर एडीजीपी ने बताया कि अवंतीपुरा एनकाउंटर में मारे गए आतंकी की पहचान TRF कमांडर अकीब मुश्ताक भट के रूप में हुई है. अकीब मलंगपोरा का रहने वाला था. अकीब ने शुरुआत में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन के लिए काम किया था. इसके बाद वह टीआरएफ के साथ जुड़ गया था.  

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घटना सोमवार देर रात की है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि पुलवामा जिले के पदगामपोरा अवंतीपोरा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर घेराबंदी की गई. पुलिस और सुरक्षाबल आतंकियों तक पहुंच गए और  और मुठभेड़ शुरू हो गई. बाद में पुलिस की तरफ से सूचना दी गई है कि अवंतीपोरा एनकाउंटर में आतंकवादी अकीब मुश्ताक को मार गिराया है. हालांकि, आतंकवादी का शव अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है. मौके पर मुठभेड़ चल रही है. 

 

बताते चलें कि 26 फरवरी को आतंकियों ने साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले में कश्मीरी पंडित संजय शर्मा को गोली मार दी थी, उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था.

कश्मीर जोन पुलिस की ओर से बताया गया था कि आतंकियों ने संजय शर्मा नाम के अल्पसंख्यक पर फायरिंग की थी. वह पुलवामा जिले के अचान के रहने वाले थे. संजय लोकल मार्केट जा रहे थे तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया. आतंकियों की गोली का शिकार बने संजय शर्मा पेशे से बैंक में सुरक्षा गार्ड हैं. इलाके की घेराबंदी कर दी गई और आतंकियों की तलाश की जा रही है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है. 

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इस बार जम्मू कश्मीर में पहली बार अल्पसंख्यक सदस्य पर हमला

इस साल कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय के किसी सदस्य पर यह पहला हमला था. पिछले साल आतंकवादियों ने नागरिकों पर लगभग 30 हमले किए, जिसमें तीन कश्मीरी पंडितों, राजस्थान के एक बैंक प्रबंधक, जम्मू की एक महिला शिक्षक और आठ गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित 18 लोगों की मौत हो गई.

 

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