उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी में भारतीय सेना ने खैरियत पेट्रोल अभियान चलाकर सरहद के लोगों को राहत और भरोसा दिया है. भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव और सीमा पर गोला-बारी के चलते कई परिवारों को पलायन करना पड़ा था.
अब जब दोनों देशों के बीच संघर्षविराम का पालन हो रहा है, तो हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. इसी के तहत बगटोर में तैनात राणा बटालियन ने घर-घर जाकर लोगों का हालचाल जाना और जरूरतमंदों को मदद भी पहुंचाई.
भारतीय सेना ने चलाया खैरियत पेट्रोल अभियान
कंलवान गांव के पूर्व सरपंच गुलाम मोहिउद्दीन लोन ने सेना का आभार जताते हुए कहा कि हम भारतीय सेना के बहुत शुक्रगुजार हैं. हर मुश्किल घड़ी में सेना हमारे साथ खड़ी रही है.
वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद सुल्तान ने कहा कि ऐसे समय में सेना की मौजूदगी हमारा हौसला बढ़ाती है. जब सेना खुद हमारे दरवाजे पर आकर हाल पूछती है तो यह भरोसा दिलाता है कि वो हमारे साथ हैं, चाहे जंग हो या शांति.
सेना और नागरिकों के बीच रिश्ता मजबूत होगा
खैरियत पेट्रोल जैसे अभियान से सेना और नागरिकों के बीच रिश्ता मजबूत होता है. सेना की इस पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है और इसे शांति और भरोसे की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.
मीर फरीद