हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सड़क से मलबा हटा रहा एक जेसीबी पहाड़ी से फिसलकर 300 मीटर से ज्यादा गहरी खाई में जा गिरा. यह घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसमें मशीन पहाड़ी रास्तों से टकराते हुए नीचे गिरती दिखाई दे रही है. सड़क पर गाड़ियों की कतार लग गई थी, क्योंकि हाल ही में हुई बारिश के कारण कुमारसेन के शनांद में नेशनल हाईवे-5 पहाड़ से गिरे पत्थरों और कीचड़ से अवरुद्ध हो गया था.
जेसीबी रास्ता साफ करने में लगा था, तभी अचानक से एक पत्थर आ गिरा, जिसके चलते मशीन अनियंत्रित होकर ऑपरेटर सहित गहरी खाई में जा गिरी. जेसीबी चालक दिनेश कुमार को दुर्घटनाग्रस्त मशीन से बाहर निकाला गया और कुमारसेन के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई. दिनेश मंडी जिले का रहने वाला था. थोड़ी देर बाद, एक आदमी मलबे तक पहुंचने के लिए ढलान से नीचे उतरता हुआ दिखाई दिया. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश लगातार तबाही मचा रही है.
राज्य के कई हिस्सों से लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आ रही हैं. स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, इस वर्ष मानसून के दौरान क्लाउडबर्स्ट, फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 78 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं, जिनमें से कई खराब मौसम और असुरक्षित परिस्थितियों से जुड़ी थीं. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण 400 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हो गईं, कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई तथा लगभग 200 वाटर सप्लाई सिस्टम बाधित हो गईं.
अधिकारियों ने बताया कि लाहौल और स्पीति में राष्ट्रीय राजमार्ग-505 भूस्खलन के कारण बंद है. कई इलाकों में घर ढह गए हैं और पुल बह गए हैं. बचाव दल दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से राहत कार्य धीमा पड़ सकता है तथा सड़क संपर्क और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली में और देरी हो सकती है. लोगों को घरों के अंदर रहने और किसी भी आपातकालीन मदद के लिए 1070 पर कॉल करने की सलाह दी गई है.
विकास शर्मा