आदिवासी महिलाओं के विरोध पर उल्टे पांव लौटे हिमाचल के मंत्री, ये है वजह

हिमाचल प्रदेश के कृषि और जनजातीय कल्याण मंत्री राम लाल मारकंडा को स्थानीय लोगों ने क्वारनीट नियमों का उल्लघंन करने का आरोप लगाते हुए लाहौल एवं स्पीति जिले में एंट्री करने से रोक दिया.

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कृषि और जनजातीय कल्याण मंत्री राम लाल मारकंडा कृषि और जनजातीय कल्याण मंत्री राम लाल मारकंडा

मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 09 जून 2020,
  • अपडेटेड 9:35 PM IST

  • लाहौल एवं स्पीति जिले के काजा में एंट्री रोकी
  • मंत्री ने क्वारनटीन नियमों का किया उल्लंघन

हिमाचल प्रदेश में एक मजेदार घटना सामने आई है. राज्य के कृषि और जनजातीय कल्याण मंत्री राम लाल मारकंडा को स्थानीय लोगों ने क्वारनटीन नियमों का उल्लघंन करने का आरोप लगाते हुए जिले में एंट्री करने से रोक दिया.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार क्वारनटीन नियमों की मंत्री ने अनदेखी की. इसकी वजह से उनकी जिले में एंट्री रोक दी गई.

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स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जिस दौरान जिले में एंट्री रोकी गई, मंत्री लाहौल एवं स्पीति जिले के काजा सबडिविजन के आधिकारिक दौरे पर थे. स्थानीय लोगों और महिलाओं के कड़े विरोध प्रदर्शन के चलते रामलाल मारकंडा को जिला छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

काजा में रामलाल मारकंडा की एंट्री से रोकने वाली आदिवासी महिलाओं ने कहा कि वो कोरोना वायरस की महामारी से बहुत डरी हुई हैं और इसलिए क्वारनटीन नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है.

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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने घाटी में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपने स्वयं के क्वारनटीन को लेकर नियम कायदे बनाए हैं और किसी को भी उसके उल्लंघन की अनुमति नहीं है चाहे वो जो कोई भी हो.

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काजा महिला मंडल की अध्यक्ष डोलमा देवी ने कहा कि अगर मंत्री को क्वारनटीन मानदंडों का उल्लंघन करने की अनुमति दी गई तो अन्य लोग उनका अनुसरण करेंगे और इस तरह घाटी में कोरोना वायरस फैल जाएगा.

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