लेबर और दलित एक्टिविस्ट नौदीप कौर के मामले में सह आरोपी शिवकुमार के मेडिकल रिपोर्ट से पुलिसिया टॉर्चर की बात सच साबित होती दिख रही है. मजदूर अधिकार संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार का चंडीगढ़ स्थित जीएमसीएच में मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके हाथ एवं पैर में दो फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई और पैरों की उंगलियों में कील चुभने के निशान मिले हैं.
शिवकुमार को नौदीप की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर सोनीपत जिले में एक औद्योगिकी इकाई का घेराव करने और कथित तौर पर जबरन उगाही करने का आरोप है. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर सोनीपत जेल ने शिवकुमार का मेडिकल कराया है.
हाई कोर्ट ने यह आदेश शिवकुमार के पिता की याचिका पर दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनीपत पुलिस ने उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की है और यातना दी है. हाई कोर्ट में बुधवार को जीएमसीएच की ओर से जमा चिकित्सा रिपोर्ट में कहा गया कि शिवकुमार की सभी चोटें करीब दो हफ्ते से अधिक पुरानी हैं और किसी वस्तु और कुंद हथियार से आई हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, शिवकुमार के बाएं हाथ और दाहिनी पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है. इसके अलावा चार जख्म साधारण श्रेणी के हैं, जबकि दो गंभीर हैं. दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है, बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है, बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है.
शिवकुमार का आरोप है कि 16 जनवरी को पुलिस उसे कुंडली स्थित प्रदर्शन स्थल से उठाकर सोनीपत की पुरानी कचहरी लेकर गई थी, जहां पर पुलिस कर्मियों ने उसके साथ मारपीठ की थी. इस बीच हरियाण पुलिस ने नौदीप कौर से मारपीट करने के आरोपों से इनकार किया है और उन पर उद्योगपति से रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है.
हरियाणा पुलिस द्वारा हाई कोर्ट में दायर स्थिति रिपोर्ट में आरोपों को ‘आधारहीन’ करार दिया गया है, पुलिस ने यह रिपोर्ट नौदीप कौर को कथित तौर पर अवैध तरीके से बंधक बनाने के आरोप पर जमा की है. अदालत ने इससे पहले मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था.
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