हरियाणा स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों में BJP-जेजेपी की करारी हार, जानें रिजल्ट

अगर ओवरऑल पार्षदों के पदों की बात की जाए तो वहां पर भी बीजेपी के पार्षद पद के उम्मीदवारों का औसत प्रदर्शन ही नजर आया है. यहां तक कि अंबाला, जोकि बीजेपी का गढ़ माना जाता है, वहां पर भी मेयर पद का चुनाव बीजेपी हार गई.

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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 30 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:42 AM IST
  • हरियाणा निकाय चुनाव में बीजेपी-JJP को शिकस्त
  • बीजेपी के पार्षद पद के उम्मीदवारों का औसत प्रदर्शन
  • अपने गढ़ में मेयर पद का चुनाव हार गई बीजेपी

Haryana Local Body Election: किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में बुधवार को निकाय चुनाव के नतीजे घोषित हुए. जिसमें सत्ताधारी बीजेपी-JJP को शिकस्त मिली है. 27 दिसंबर को संपन्न हुए निकाय चुनाव में सोनीपत, पंचकूला और अंबाला नगर निगम में मेयर पद के लिए पहली बार सीधे वोट डाले गए थे. इसमें बीजेपी के खाते में पंचकूला और कांग्रेस के खाते में सोनीपत मेयर की कुर्सी आई, जबकि जेजेपी को किसी भी नगर पालिका के चेयरमैन और नगर निगम में जीत हासिल नहीं हुई. 

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बता दें कि हरियाणा में हुए 7 निकाय चुनाव के नतीजे सत्ताधारी बीजेपी-जेजेपी गठबंधन के लिए निराशापूर्ण रहे. इन 7 में से सिर्फ रेवाड़ी नगर परिषद और पंचकूला नगर निगम में बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रही, जबकि बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे जेजेपी किसी भी नगर पालिका के चेयरमैन और नगर निगम में जीत नहीं हासिल कर सकी. 

मालूम हो कि हरियाणा में 7 जगहों पर निकाय चुनाव हुए थे, जिनमें तीन नगर निगम, तीन नगर पालिका और एक नगर परिषद शामिल है. इस इन 7 जगहों में से बीजेपी-जेजेपी गठबंधन को सिर्फ रेवाड़ी नगर परिषद के प्रेसिडेंट पद पर और पंचकूला नगर निगम के मेयर पद पर ही जीत हासिल हुई, बाकी पांच जगहों पर बीजेपी को कांग्रेस और निर्दलीयों से हार का सामना करना पड़ा. 

अगर ओवरऑल पार्षदों के पदों की बात की जाए तो वहां पर भी बीजेपी के पार्षद पद के उम्मीदवारों का औसत प्रदर्शन ही नजर आया है. यहां तक कि अंबाला, जोकि बीजेपी का गढ़ माना जाता है, वहां पर भी मेयर पद का चुनाव बीजेपी हार गई. तीनों नगरपालिका पर भी बीजेपी-जेजेपी गठबंधन के उम्मीदवार निर्दलीयों और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के सामने चुनाव हार गए हैं. 

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सांपला नगरपालिका चेयरमैन - कांग्रेस समर्थित

धारूहेड़ा नगरपालिका चेयरमैन - निर्दलीय

उकलाना नगरपालिका चेयरमैन - निर्दलीय

रेवाड़ी नगर परिषद प्रेसिडेंट - बीजेपी

अंबाला नगर निगम मेयर - हरियाणा जनचेतना पार्टी

सोनीपत नगर निगम मेयर - कांग्रेस

पंचकूला नगर निगम मेयर - बीजेपी

मालूम हो कि रेवाड़ी में कांग्रेस ने सिर्फ प्रेसिडेंट का पद, पार्टी सिंबल पर लड़ा था जबकि बाकी कई जगहों पर निर्दलीय पार्षदों को समर्थन भी दिया था. लेकिन पार्षद के पद पर कांग्रेस सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ी है. 

वहीं, सोनीपत नगर निगम में कांग्रेस ने मेयर पद पर जीत हासिल की है. सोनीपत की कुल 20 पार्षद की सीटों में से 10 बीजेपी, 9 कांग्रेस और एक निर्दलीय के खाते में गई है. जबकि, अंबाला नगर निगम के चुनाव में हरियाणा जनचेतना पार्टी को मेयर पद पर जीत मिली है. कुल 20 पार्षदों में से बीजेपी को 8, जनचेतना पार्टी को 7, कांग्रेस को 3 और हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट को 2 सीटें मिली हैं. 

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उधर, उकलाना नगरपालिका चुनाव में चेयरमैन पद पर निर्दलीय सुशील साहू विजेता रहे. जबकि बीजेपी-जेजपी के प्रत्याशी महेंद्र सोनी चुनाव हार गए, यहां पार्षदों की सीट पर कोई भी राजनीतिक पार्टी अपने चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ी है, सिर्फ चेयरमैन के पद पर पार्टी सिंबल पर बीजेपी-जेजेपी ने चुनाव लड़ा था. 

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रोहतक के सांपला नगरपालिका चुनाव में चेयरमैन पद पर बीजेपी प्रत्याशी सोनू को निर्दलीय पूजा ने बड़े अंतर से हराया. निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता है, लेकिन कांग्रेस यहां सिंबल पर नहीं लड़ी थी. 

धारूहेड़ा चेयरमैन पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी कंवर सिंह जीते हैं. यहां भी पार्षदों की सीट पर कोई राजनीतिक पार्टी अपने चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ी थी. वहीं, पंचकूला में मेयर पद पर बीजेपी की 2000 वोटों से जीत हुई है. पंचकूला के कुल 20 पार्षदों के पदों में से बीजेपी को 9, जेजेपी को 2, कांग्रेस को 7 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली हैं. गौरतलब है कि बीजेपी अकेली वो पार्टी है जो इन चुनावों में अपने पार्टी सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरी थी. 

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