PM मोदी का सपना साकार करने को टीचर बन बैठी 13 साल की ये लड़की

13 साल की वंसरी वोरा वडोदरा ओर इससे सटे गांवों की महिलाओं को पेपर बैग बनाना सिखाती हैं. प्लास्टिक का चलन कम करने के लिए वंसरी की ये मुहिम अब रंग ला रही है.

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13 साल की बंसरी दे रही है महिलाओं को रोजगार 13 साल की बंसरी दे रही है महिलाओं को रोजगार

गोपी घांघर

  • वडोदरा,
  • 01 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:12 PM IST

गुजरात के वडोदरा में 13 साल की बच्ची ने गर्मी की छुट्टियों का इस्तेमाल नायाब तरीके से किया है. ये बच्ची वडोदरा के गांवों में महिलाओं को कागज का बैग बनाना सिखा रही है. इससे यहां की महिलाएं एक हुनर तो सीख ही रही हैं, इससे प्लास्टिक की थैलियों का चलन भी कम हो रहा है.

वंसरी वोरा नाम की ये लड़की अब तक 180 से ज्यादा महिलाओं को कागज के बैग बनाने में प्रशिक्षित कर चुकी है. बंसरी किसी भी गांव के मंदिर की चौखट पर महिलाओं को इकट्ठा करके पेपर बैग बनाना सिखाती है. पेपर बैग बनाकर महिलाएं इसे बचे देती हैं, इस तरह ये उनके लिए कमाई का अच्छा जरिया बन गया है.

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वंसरी की माने तो वह अभी तक 8000 से ज्यादा पेपर बैग मुफ्त में बांट चुकी है. वंसरी कहती है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रभावित है. वंसरी ने कहा कि वह प्लास्टिक का इस्तेमाल रोककर इस मुहिम में योगदान देना चाहती है. वंसरी ने कहा कि अगर हमारे आस-पास का इलाका स्वच्छ है तभी स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है.

वंसरी की काबिलियत से महिलाएं इतनी प्रभावित है कि वो बिना गैरहाजिर हुए उसके क्लास में आती हैं. वंसरी की उम्र भले ही मात्र 13 साल हो, लेकिन उसकी सोच एक जिम्मेदार नागरिक की तरह है. वंसरी ने अपने काम से संदेश दिया है कि अगर पर्यावरण की रक्षा करनी है तो प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगानी ही होगी. तभी जाकर स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत का सपना साकार होगा.

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