गुजरात की जानी-मानी आरजे और पर्सनल ब्लॉगर अदिति रावल (RJ Aditi Raval) की एक तस्वीर को लेकर विवाद हो गया है. अदिति की गिर के जंगल (Gir National Park) में गुजरात टूरिज्म के एड शूट के बाद एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसको लेकर पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखने को मिल रही हैं. इस तस्वीर में अदिति रावल गिर में पर्यटकों के लिए इस्तेमाल होने वाली जिप्सी में बैठीं हुई हैं, जबकि शेर उनके ठीक पीछे है. पर्यावरण प्रेमियों की मानें तो इस तरह की तस्वीर खिंचवाना शेर को परेशान करना है, जो कि एक जुर्म है.
बता दें कि इस पूरी ट्रिप को गुजरात टूरिज्म के जरिए अदिति रावल को स्पॉन्सर किया गया था. इस दौरान अदिति का एक डिजिटल एड शूट भी हुआ, जो गुजरात टूरिज्म का था. गुजरात टूरिज्म के एमडी जेनु देवन का कहना है कि ब्लॉगर अदिति रावल खुद के ब्लॉग के जरिए टूरिज्म को प्रमोट करती हैं, जिसमें गुजरात टूरिज्म के कई एड फुटेज का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रमोशनल एक्टिविटी के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग से स्पेशल परमिशन के साथ ये पूरा शूट किया गया.
फिलहाल, अदिति की इस तस्वीर पर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन श्याम टिकाधर का कहना है कि वन विभाग ने ही उनको इजाजत दी थी. हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की आखिर शूट नेशनल पार्क में हुआ, या देवलिया सेन्च्युरी में किया गया. मालूम हो कि देवलिया सेन्च्युरी में खुली जिप्सी ले जाना बैन है. यहां टूरिस्टों को बस में बिठाकर शेर दिखाए जाते हैं.
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वहीं, इस मसले पर पर्यावरण प्रेमी झुबेन आशरा का कहना है कि, ये एड अगर देवलिया सेन्च्युरी में शूट किया गया है तो उसके लिए ओपन जिप्सी कहां से आई? आपको बता दें कि कुछ महीने पहले ही यहां दो फॉरेस्ट गार्ड को शेर ने अपना शिकार बना लिया था.
आरोप है कि अदिति रावल की तस्वीर से नजर आता है कि वो नेचर के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, उनके पैर भी जिप्सी से बाहर हैं. ऐसे हालात में अगर शेर ने हमला किया होता तो गंभीर परिणाम हो सकते थे. इसके अलावा यह भी आरोप है कि देवलिया पार्क में शूटिंग के दौरान ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया, जो कि बैन है.
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