गुजरात के अहमदाबाद में नगर निगम द्वारा इस समय एक मुहिम चलाई जा रही है. जिन भी मटन, मीट की दुकानों के पास लाइसेंस नहीं है, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जा रहा है. असल में कुछ दिन पहले ही गुजरात सरकार ने राज्य सरकार को फटकार लगाई थी. यहां तक कहा गया था कि बिना लाइसेंस की चल रहीं ऐसी दुकानें लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ करती है. अब उसी फटकार के बाद अहमदाबाद नगर निगम एक्शन में आ गई है. उसकी तरफ से 48 घंटों के अंदर 58 मटन की दुकानें सील करवा दी गई हैं.
हाई कोर्ट ने क्या कहा था?
अब जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात हाई कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की थी कि राज्य सरकार द्वारा बिना लाइसेंस वाली दुकानों को बंद करने की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. कोर्ट ने कहा था कि ये सब स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते हैं. हर बार आपको कोर्ट करेक्ट करे, ये ठीक नहीं. आपको और ज्यादा ध्यान देना चाहिए. आप ऐसे मुद्दों पर नरम कैसे पड़ सकते हैं. आपको तो इस स्तर पर ड्राइव चलानी चाहिए कि भविष्य में कोई भी बिना लाइसेंस के ऐसी दुकानें ना खोले. अब उस फटकार के बाद ही सरकार की कार्रवाई में ये तेजी देखने को मिली है. सिर्फ दो दिन के अंदर 58 मटन की दुकानें सील कर दी गई हैं. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी कई दुकानों को ऐसे ही बंद किया जा सकता है.
पहले भी हुई ऐसी कार्रवाई
वैसे इससे पहले उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई देखी गई थी. ये कार्रवाई साल 2017 में तब शुरू हुई थी जब राज्य में बीजेपी की सरकार प्रचंड बहुमत के साथ बनी थी. उस समय सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि राज्य में किसी भी अवैध बूचड़खाने को चलने नहीं दिया जाएगा. कुछ दूसरे राज्यों में भी ऐसी कार्रवाई होती दिख गई हैं. अब गुजरात में हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन दुकानों को सील किया जा रहा है जिनके पास कोई लाइसेंस नहीं है.
सौरभ वक्तानिया