आसाराम का गुरुकुल है 2 मासूम बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदारः जांच रिपोर्ट

गुजरात विधानसभा में शुक्रवार को आसाराम के गुरुकुल में बच्चों की लाश मिलने के मामले की जांच रिपोर्ट पेश की गई. इस जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि आसाराम के गुरुकुल की लापरवाही दोनों बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार है.

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आसाराम (फाइल फोटो) आसाराम (फाइल फोटो)

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 26 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

आसाराम का अहमदाबाद स्थित गुरुकुल 2 बच्चों (दिपेश और अभिषेक) की संदिग्ध मौत के लिए जिम्मेदार है. इसका खुलासा जस्टिस (रिटायर) डीके त्रिवेदी कमीशन की जांच रिपोर्ट में हुआ है. शुक्रवार को इस जांच रिपोर्ट को गुजरात विधानसभा में पेश किया गया, जिसमें कहा गया कि बच्चों की मौत के लिए आसाराम के गुरुकुल की लापरवाही जिम्मेदार है. गुरुकुल की लापरवाही की वजह से दोनों बच्चे गायब हुए थे और बाद में उनका शव गुरुकुल के पीछे से मिला था.

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वहीं दिपेश-अभिषेक संदिग्ध मौत मामले में आसाराम और उसके बेटे नारायण साई को राहत मिली है. इस मामले में न्यायिक जांच कर रहे जस्टिस (रिटायर) डीके त्रिवेदी कमीशन ने नारायण साई ओर आसाराम को क्लीन चीट दे दी है. गुजरात के बहुचर्चित दिपेश-अभिषेक संदिग्ध मौत मामले में डीके त्रिवेदी कमीशन ने माना है कि दिपेश अभिषेक की मौत पानी में डूबने के कारण हुई है. इसका आसाराम और उसके बेटे नारायण साई के साथ कोइ लेना देना नही है. साथ ही कमीशन का कहना है कि दिपेश और अभिषेक की मौत किसी काले जादू के लिए नहीं हुई हैं.

इस मामले की जांच पहले सीआईडी क्राइम को सौंपी गई थी. इसके बाद मामले की दोबारा जांच कराई गई और न्यायिक जांच के लिए जस्टिस (रिटायर) डीके त्रिवेदी कमीशन का गठन किया गया था. इसके साथ ही कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी है कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी हॉस्टल में एडमिशन न दिया जाए. साथ ही ऐसे बच्चों का डेटा इकट्ठा करना चाहिए.

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दरअसल, 3 जुलाई 2008 को आसाराम के अहमदाबाद स्थित गुरुकुल से दो बच्चे गायब हो गए थे. इसके बाद 5 जुलाई को इन बच्चों की लाश गुरुकुल के पीछे बहने वाली साबरमती नदी के किनारे संदिग्ध हालत में मिली थी. इन बच्चों की पहचान 10 वर्षीय दीपेश और 11 वर्षीय अभिषेक वाघेला के रूप में हुई थी. ये दोनों बच्चे आसाराम के गुरुकुल में ही पढ़ते थे. इस मामले के सामने आने के बाद बच्चों के परिजनों ने आसाराम को कठघरे में खड़ा किया था.

मृतक बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि आसाराम के आश्रम में काला जादू होता है. काले जादू के लिए बच्चों की हत्या की गई है. इसके बाद आसाराम के खिलाफ अहमदाबाद में लोग सड़कों पर भी उतरे थे. परिजनों की मांग के बाद गुजरात सरकार ने जस्टिस (रिटायर) डीके त्रिवेदी के नेतृत्व में एक कमीशन का गठन किया था और मामले की दोबारा जांच सौंपी थी. उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे.

इसके अलावा गुजरात विधानसभा में नलिया दुष्कर्म कांड की जांच रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें पुलिस को क्लीन चिट दे दी गई. जस्टिस (रिटायर) एएल दवे के नेतृत्व में गठित कमीशन ने कहा कि इस गैंगरेप के कोई सबूत नहीं मिले हैं. पीड़ित महिला भी कमीशन के सामने पेश नहीं हुई. गुजरात सरकार ने जस्टिस (रिटायर) एएल दवे के नेतृत्व में बहुचर्चित नलिया दुष्कर्म कांड की जांच के लिए कमीशन बनाया था.

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इसके साथ ही गुरुकुल कांड और नलिया कांड मामले में सूबे के गृह मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी साझा की गई. इसके अलावा गुजरात विधानसभा में सूबे के आर्थिक हालात को लेकर कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट में साल 2017-18 में गुजरात की आर्थिक स्थिति, खर्च और इनकम का ब्यौरा दिया गया. इस दौरान गुजरात विधानसभा में 9 सरकारी बिल भी लाए जा रहे हैं.

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