अहमदाबाद: वेंटिलेटर की कमी ऐसे होगी पूरी, किडनी हॉस्पिटल में तैयार हुई डिवाइस

गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल ने ऐसी डिवाइस तैयार की है जो वेंटिलेटर्स न होने पर मरीजों की जान बचाने में बेहद कारगर साबित हो सकता है. वेंटिलेटर की कमी की वजह से तैयार किए गए इस डिवाइस के जरिए एक साथ 4 जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.

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एक वेंटिलेटर से तैयार हो सकेंगे 4 वेंटिलेटर एक वेंटिलेटर से तैयार हो सकेंगे 4 वेंटिलेटर

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 22 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 12:06 AM IST

  • किडनी हॉस्पिटल ने तैयार किया है डिवाइस
  • इमरजेंसी की स्थिति में कारगर साबित होगा
गुजरात के अहमदाबाद किडनी हॉस्पिटल में मल्टिप्लेक्ट नाम की डिवाइस तैयार की गई है, जो एक साथ 4 लोगों को वेंटिलेटर की सुविधाएं दे सकता है. इसकी वजह से किसी की जान जाने से बच सकती है. आपातकालीन परिस्थिति में वेंटिलेटर्स की कमी पूरी की जा सकती है.

वेंटिलेटर के साथ कई पाइपों को जोड़ा गया है. इस डिवाइस को किडनी अस्पताल के डायरेक्टर विनीत मिश्रा और उनकी टीम ने विकसित किया है. एक वेंटिलेटर से मल्टीप्लेक्स के जरिए 4 जिंदगी बचाई जा सकती है.

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दरअसल एक वेंटिलेटर से निकल रहे ऑक्सीजन का इस्तेमाल आम तौर पर एक ही मरीज के लिए होता है लेकिन इस मल्टीप्लेक्ट डिवाइस के जरिए उसे 4 अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है. इस डिवाइस के जरिए 4 लोगों के फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाया जा सकता है.

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कोरोना वायरस के मामले बेहद तेजी से देश में बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस डिवाइस को कोरोना पेशेंट के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कोरोना मरीजों में संक्रमण के फैलाव के बाद सांस लेने में काफी दिक्कतें आती हैं.

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एक साथ तैयार हो सकते हैं 8 वेंटिलेटर

डिवाइस को बनाने वाले डॉक्टर विनीत मिश्रा ने कहा कि इस तरह की महामारी में विकसित देशों के पास भी वेंटिलेटर्स की कमी पड़ रही है. ऐसे में हमारे देश के लिए ये डिवाइस कारगर साबित हो सकती है. आने वाले दिनों में एक वेंटिलेटर के जरिए 8 वेंटिलेटर तैयार किए जा सकते हैं.

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संक्रमण फैलने का खतरा नहीं

मल्टीप्लेक्ट डिवाइस में खास फिल्टर लगे हैं, जिनमें 3 अलग-अलग लेयर का इस्तेमाल किया गया है. फिल्टर होने की वजह से एक मरीज का इंफेक्शन दूसरे मरीज तक नहीं पहुंचता है. डॉक्टर विनीत मिश्रा ने यह भी कहा है कि इस डिवाइस को इस्तेमाल करते वक्त इस बात का बेहद ख्याल रखना होगा कि इस्तेमाल कर रहे सभी मरीजों का वजन एक सा होना चाहिए.

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