जानिए कैसे करतें हैं कोरोना हॉस्पिटल के कचरे को वायरस से मुक्त

कोरोना वायरस संक्रमण देश में तेजी से बढ़ रहा है. अस्पतालों के लिए चुनौती बनी हुई है कि किस तरह से कोरोना संक्रमितों के ठीक होने के बाद वार्ड को संक्रमण मुक्त किया जाए. अस्पताल सोडियम हायपोक्लोराइड लिक्विड के जरिए अस्पतालों को सैनिटाइज कर रहा है.

Advertisement
मेडिकल वेस्ट को संक्रमण मुक्त करना बड़ी चुनौती मेडिकल वेस्ट को संक्रमण मुक्त करना बड़ी चुनौती

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 29 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

  • गुजरात में तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण
  • अस्पतालों को संक्रमण मुक्त करना बड़ी चुनौती
गुजरात कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. प्रशासन वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, लॉकडाउन का पालन और सैनिटाइज करने के उपायों पर काम कर रहा है. अस्पतालों से बड़ी मात्रा में कोरोना मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हुआ मेडिकल वेस्ट निकल रहा है. अस्पताल के लिए बड़ी चुनौती यह बनी हुई है कि किस तरह से मेडिकल कचरे को डिसइंफेक्ट किया जाए.

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 1200 बेड के एक अस्पताल को कोविड-19 हॉस्पिटल के तौर पर घोषित किया गया है. इस हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्ट को वायरस से मुक्त करना बेहद मुश्किल काम है. अहमदाबाद सिविल अस्पताल से हर रोज 800 किलो घन कचरे को कीटाणु मुक्त किया जाता है.

Advertisement

कोविड-19 के मरीजों द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों को वायरस से मुक्त करना बड़ी समस्या है. कोरोना ग्रस्त मरीजों द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों से ज्यादा संक्रमण न फैले इसके लिए सोडियम हायपोक्लोराइड लिक्विड के जरिए कचरे को संक्रमण मुक्त किया जाता है. इनमें रोज इस्तेमाल होने वाली 2500 पीपीई किट, 1500 मास्क, डिस्पोजल ग्लास, इंजेक्टेड निडिल और कॉटन जैसी कई चीजें शामिल हैं. इन्हें पहले विषाणुमुक्त किया जाता है, फिर डिस्पोज किया जाता है.

Coronavirus LIVE: पंजाब में दो हफ्तों के लिए बढ़ा लॉकडाउन, कर्फ्यू में दी ढील

कचरे से फैल सकता है संक्रमण

अहमदाबाद के कोविड अस्पताल के इंचार्ज डॉक्टर संजय कपाड़िया का कहना है कि कोरोना के मरीज और उनका इलाज कर रहे डॉक्टर-मेडिकल स्टाफ जो कपड़े इस्तेमाल में लाते हैं, उनसे भी कोरोना फैलने की आशंका होती है.

Advertisement

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

कपड़ों को संक्रमण से मुक्त करने के लिए पहले सोडियम हायपोक्लोराइड में सभी कपड़ों और कचरों को डुबोया जाता है. 30 मिनट तक लिक्विड में ही रखा जाता है, फिर कपड़े संक्रमण मुक्त होते हैं. जो लोग सफाई के काम में जुटे होते हैं, उन्हें हैंड ग्लब्स और मास्क दिया जाता है, जिससे वे खुद संक्रमण से बचे रहें.

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

एक शिफ्ट में इकट्ठा होता है 250 किलो कचरा

कोरोना वार्ड में 8 घंटे की शिफ्ट होती है. एक शिफ्ट में 250 किलो कचरा इकट्ठा होता है. सिविल अस्पताल में कुल 12 क्रिटिकल वार्ड और 18 स्टेबल पेशेंट वार्ड बनाए गए हैं. अस्पतालों के लिए बड़ी चुनौती कोरोना कचरे को संक्रमण मुक्त करना बना हुआ है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement