गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कार शोरूम के मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर ने मिलकर कंपनी को 9.71 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है. आरोप है कि इन दोनों ने एक्सचेंज में आईं 68 गाड़ियों को चोरी-छिपे बेच दिया.
कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि जुलाई महीने में यूट्रस्ट डिपार्टमेंट का ऑडिट किया गया, जिसमें पाया गया कि कंपनी द्वारा खरीदी गई 53 सेकंड हैंड कारें गायब थीं और 15 कारों का रिकॉर्ड सिर्फ कागजों पर था. कुल मिलाकर 68 कारों का कोई अता-पता नहीं था.
एक्सचेंज में आईं 68 गाड़ियों को चोरी-छिपे बेचा
जांच में सामने आया कि मैनेजर जितेंद्र शर्मा और असिस्टेंट मैनेजर चिराग दत्त ने अप्रैल से जुलाई के बीच इन गाड़ियों को अलग-अलग डीलरों को बेच दिया. कई कारें तो उन्होंने खुद एजेंट बनकर बेचीं और ग्राहकों से सीधे पैसे लिए. एक कार पर 10 हजार रुपये तक का कमीशन भी वसूला.
पुलिस ने शोरूम के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया
पुलिस के अनुसार, चिराग इससे पहले भी नकली आरसी बुक के जरिए फ्रॉड कर चुका है. हालांकि तब केस दर्ज नहीं हुआ था. इस बार कंपनी के सीईओ रजनीश अरोड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों आरोपियों ने ऑडिट से बचने के लिए कुछ ट्रांजैक्शन का पेमेंट अपनी जेब से भर दिया, लेकिन कारों की ज्यादा संख्या होने के कारण वे पकड़े गए.
ब्रिजेश दोशी