साउथ दिल्ली एमसीडी ने रेस्टोरेंट के बाहर नॉनवेज आइटम खुले में लटकाने या डिस्प्ले में नहीं रखने का फरमान जारी किया है. अब आपको रेस्टोरेंट के बाहर आइटम्स के पोस्टर्स ही दिखेंगे.
साउथ दिल्ली नगर निगम के नए प्रस्ताव के तहत नगर निगम के कार्य क्षेत्र में आने वाले सभी नॉनवेज रेस्टोरेंट और दुकानों के आगे से डिस्प्ले में नॉनवेज ना लटकाने का आदेश है. साउथ दिल्ली नगर निगम के इस फरमान को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि खुले में लटकाने से मांस में धूल और मक्खियां लग जाती हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं है.
इस आदेश के बाद हमने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, सीआर पार्क और कालकाजी जैसे बड़े बाजारों में नॉन वेज रेस्टोरेंट और दुकानदारों से बात की. ज्यादातर दुकानदारों का यह कहना है कि इस आदेश का पालन करने से हमारी सेल 20% तक जरूर गिर जाएगी. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के नामी नॉनवेज रेस्टोरेंट अल बेक के मैनेजर कहते हैं कि नोटिस अभी मिला नहीं है. जैसा आदेश होगा पालन करना पड़ेगा. तो वहीं NFC के चावला रेस्टोरेंट ने डिस्प्ले हटाने के बाद 30 से 35 फीसद बिजनेस कम होने की बात कही है. साथ ही ये भी तर्क दिया की जो दिखता है वो बिकता है.
इस मुद्दे पर अलबेक में शोरमा का स्वाद ले रहीं शाहीन कहती हैं कि आप कहीं से गुजर रहे हैं और आप देखते हैं कि शोरमा मिल रहा है तो आप रूककर खाएंगे लेकिन सिर्फ पोस्टर होगा तो शायद आप ध्यान भी नहीं देगें. नॉनवेज खाने की शौकीन स्वाति ने कहा कि नॉनवेजेटेरियन को दिक्कत तो होगी क्योंकि पोस्टर से वो बात तो नहीं आएगी. देखने के बाद भूख और बढ़ जाती है.
वहीं वेजेटेरियन कहते हैं कि जब नॉनवेज आइटम पोस्टर में दिखेगा तब परेशानी नहीं और न ही इस तरह के रेस्टोरेंट से उन्हें नजर चुराकर निकलना पड़ेगा. हालांकि सेहत के मसले पर ये बात नॉनवेज के साथ-साथ वेज पर भी लागू हो तो अच्छा रहेगा.
ज्यादातर दुकानदारों का कहना है कि अभी तक वह नॉनवेज का डिस्प्ले कांच की अलमारी के अंदर लगाते थे जिससे उसमें धूल या गंदगी जाने का कोई खतरा नहीं रहता है वह केवल डिस्प्ले के तौर पर ही लगाया गया है ऐसे में उससे एमसीडी को भला क्या परेशानी हो सकती है. मायूस दुकानदारों का कहना है कि वह इस फरमान को मानेंगे और पोस्टर से ही काम चलाएंगे.
रोशनी ठोकने / रोहित / अंकित यादव