सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस में ऐसे पंजीकरण कराएं बुजुर्ग, जरूरत पड़ने पर करें 1291 पर कॉल

दिल्ली पुलिस ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा देने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था कर रखी है. पुलिस ऐसे लोगों का समय-समय पर हालचाल लेती रहती है.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2019,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

दिल्ली-एनसीआर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपराधियों के निशाने पर रहते हैं. लूट के चक्कर में कई हत्याएं हो चुकी हैं. ताजा मामला साउथ दिल्ली के पॉश वसंत विहार इलाके में तिहरे मर्डर का है. जहां घर के अंदर बुजुर्ग दंपति विष्णु स्वरूप माथुर(79) और शशि माथुर(75) और उनकी देखभाल करने वाली 22 वर्षीय नर्स को बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया. दंपति की हत्या के बाद फिर से राजधानी में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हुए हैं. एक आंकड़े के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में यूं तो करीब 12 लाख बुजुर्ग हैं.

Advertisement

मगर इसमें से अकेले रहने वाले 36 हजार बुजुर्गों का पुलिस के पास पंजीकरण है. बताया जाता है कि जिस बुजुर्ग दंपति की हत्या हुई, उनका पुलिस के पास पंजीकरण नहीं था. दिल्ली पुलिस ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा देने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था कर रखी है. पुलिस ऐसे लोगों का समय-समय पर हालचाल लेती रहती है.

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन

अकेले रहने वाले बुजुर्गों के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाओं के बाद 2004 में दिल्ली पुलिस ने सीनियर सिटिजंस सिक्योरिटी सेल बनाई थी. मकसद रहा कि अकेले रह रहे बुजुर्गों की पहचान कर उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए. फिलहाल, दिल्ली के 15 जिलों में यह सेल कार्यरत है. अकेले रहने वाले बुजुर्ग दिल्ली पुलिस के सीनियर सिटिजंस सिक्योरिटी सेल में बुजुर्ग ऑनलाइन और ऑफलाइन अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. फिलहाल 36,481 बुजुर्ग रजिस्टर्ड हैं. दिल्ली पुलिस 2016 में एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च कर चुकी है.

Advertisement

आप दिल्ली पुलिस का सीनियर सिटिजिन मोबाइल ऐप डाउनलोड कर पूरा बायोडाटा भर सकते हैं. जिसके बाद स्थानीय पुलिस आवेदन की जांच करेगी. जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस सीनियर सिटिजन को मिलने वाली सुरक्षा प्रदान करेगी. अगर आप मोबाइल ऐप डाउन लोड नहीं करते हैं तो फिर दिल्ली पुलिस की वेबसाइट http://www.delhipolice.nic.in/ पर जाएं. इसके बाद सीनियर सिटिजन सेल( http://www.delhipolice.nic.in/seniorcitizen/index.html) कॉर्नर पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

कैसे रखती है पुलिस बुजुर्गों का ध्यान

रजिस्ट्रेश के बाद पुलिस आवेदन की सत्यापन करती है. जांच में सब कुछ ठीक होने के बाद पुलिस बुजुर्गों को पहचान पत्र जारी होते हैं. जिसमें उनका नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर और बीमारी आदि का ब्यौरा होता है. अकेले रहने वाले बुजुर्गों का समय-समय पर पुलिस गश्त के दौरान हालचाल लेती है. इसके अलावा पुलिस यह पता  लगाने की कोशिश करती है कि बुजुर्ग से कौन-कौन से लोग नियमित रूप से मिलने वाले हैं. इसमें किराएदार, दूधवाले से लेकर अन्य नजदीकों लोगों के चाल और चरित्र का पुलिस वेरीफिकेशन करने पर जोर देती है.

करें फोन, मिलेगी सहायता

दिल्ली पुलिस ने बुजुर्गों की किसी भी वक्त मदद के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन भी संचालित कर रखी है. नंबर है 1291. इस पर नंबर पर फोन कर बुजुर्ग पुलिस से मदद मांग सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement