मुफ्त बिस्तर को लेकर दिल्ली सरकार और अपोलो अस्पताल को SC की फटकार

गरीबों को मुफ्त बिस्तर मुहैया करवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अपोलो अस्पताल से कहा कि 'आप लोग लड़ रहे हैं और इसका नुकसान सिर्फ गरीबों को हो रहा है.' सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से मामले को आपस में सुलझाने को कहा है.

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अपोलो अस्पताल और दिल्ली सरकार के बीच का मामला अपोलो अस्पताल और दिल्ली सरकार के बीच का मामला

प्रियंका झा

  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 6:21 PM IST

अपोलो अस्पताल में मुफ्त बिस्तर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई है. SC ने कहा कि इन सबमें नुकसान सिर्फ गरीबों का हो रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अपोलो अस्पताल से कहा कि 'आप लोग लड़ रहे हैं और इसका नुकसान सिर्फ गरीबों को हो रहा है.' सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से मामले को आपस में सुलझाने को कहा है.

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दिल्ली सरकार की ओर से एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की. इसमें कहा गया कि अस्पताल को मिला 30 साल का लीज पीरियड गरीबों को मुफ्त इलाज देने की शर्त पूरा होने से पहले ही खत्म हो जाएगा. वहीं अपोलो अस्पताल की ओर से वकील बीना भसीन ने कहा कि अस्पताल 33 प्रतिशत की बजाय 10 प्रतिशत बिस्तर गरीबों को मुफ्त में देने के लिए तैयार है. इन मरीजों को दवाई और खाना भी मुफ्त में दिया जाएगा. SC ने मामले की सुनवाई 4 हफ्ते के लिए टाल दी है ताकि दोनों पक्ष आपस में इस मामले को सुलझा लें.

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