उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल ने बुधवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का औचक निरिक्षण किया. इस दौरान उन्होने वहां कुछ अनियमितताएं देखी जिसे तुरंत दूर करने के आदेश हाथों हाथ जारी कर दिए.
दरअसल बुधवार दोपहर को मेयर प्रीति अग्रवाल बिना किसी तय कार्यक्रम के अचानक नॉर्थ एमसीडी के तहत आने वाली भलस्वा लैंडफिल साइट पर पहुंची. उनके साथ अधिकारियों की टीम थी. औचक निरीक्षण के दौरान मेयर प्रीति अग्रवाल ने भलस्वा लैंडफिल साइट में बड़ी संख्या में कूड़े बीनने वालों की स्थिति देखकर नाराजगी जाहिर की.
निरीक्षण के दौरान मेयर ने देखा कि कूड़े बीनने वाले लैंडफिल स्थल पर बहुत ही खराब स्थिति में काम कर रहे हैं. लैंडफिल साइट पर काम करने वाले लोगों के पास ना ही मास्क थे और ना ही दस्ताने जो उनकी सेहत के लिए बेहद ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं और उनकी शरीर पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है. उन्होंने संबंधित अधिकारीयों को निर्देश दिया कि वहां कूड़े बीनने वालों के आने पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए.
अपने औचक निरिक्षण के दौरान मेयर प्रीति अग्रवाल ने पाया कि लैंडफिल साइट पर बड़ी तादाद में बच्चे भी कूड़ा उठा रहे थे जिसे देखकर मेयर ने नाराज़गी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन बच्चों का दाखिला एमसीडी स्कूलों में जल्द करवाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि इन बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए. भलस्वा लैंडफिल साइट के निरीक्षण के दौरान मेयर को कूड़े में आग भी दिखाई दी जिसके बाद उन्होने वहां लगने वाली आग को बुझाने के लिए तुरंत अग्निशमन विभाग को फोन करवाया और एमसीडी अधिकारियों को आदेश दिए कि वो वहां ऐसे उपाय करें जिससे कि वहां आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके.
इसके अलावा लैंडफिल स्थान पर काफी संख्या में गायों को देख मेयर ने नाराज़गी जताई और निगम पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि उन गायों को पकड कर गौशाला में भेजा जाए. निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि मैकेनिकल स्वीपर मशीन बिना वजन लिए ही लैंडफिल स्थल में प्रवेश कर रहे है जिस के लिए उन्होने निर्देष दिया कि सभी कूडे के वहनों के प्रवेश के समय वजन होना चाहिए उस के बाद ही वाहनों के प्रवेश की अनुमति देने के आदेश दिए.
रवीश पाल सिंह