निर्भया के गुनहगारों को आखिरकार आज उनके किए की सजा मिल गई और उन्हें फांसी पर लटका दिया गया. हालांकि उन्हें फांसी पर लटकाए जाने से पहले उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया. दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है. दिल्ली के रविदास कैंप में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
गुनहगारों ने अपनी वसीयत नहीं बनाई और न ही उन्होंने किसी से मिलने की इच्छा जताई. चारों आरोपी मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की फांसी आज शुक्रवार को तय वक्त पर दे दी गई. चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
रोती रही पवन की मां
पवन गुप्ता की मां के आंसू थम नहीं रहे थे तो पिता कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थे, लेकिन मीडिया के आते ही गुस्से में पवन की मां ने कवरेज को रोक दिया और कहा कि मीडिया के लिए सिर्फ निर्भया की मां है और कोई मां नहीं, सात साल तक आप लोग कहां थे.
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मामला संवेदनशील देखकर रविदास कैंप में पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है. तिहाड़ जेल के डीजी ने बताया कि मुकेश और विनय ने रात में खाना खाया था लेकिन अक्षय ने सिर्फ चाय पी थी. अगर परिजन उनके शव की मांग करते हैं तो उन्हें सौंप दिया जाएगा और अगर ऐसा नहीं किया जाता तो जेल प्रशासन उनका अंतिम संस्कार कर देगा.
हरि नगर थाना इलाके में आने वाले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में डॉक्टर बीएन मिश्र के नेतृत्व में 5 डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम में शामिल हुआ और 2 कैमरे से वीडियोग्राफी भी करवाई गई.
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2012 में 16 दिसंबर की उस रात जो हुआ उसने दुनिया को हिलाकर रख दिया था, लेकिन इसे अंजाम देने वाले दोषी सात साल तक बचते नजर आए. आज आखिरकार निर्भया को न्याय मिल ही गया.
उसके चारों आरोपी मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने मौत से एक दिन पहले तक बचने के लिए सारी तिकड़में लगा दीं, लेकिन कोर्ट ने उनकी फांसी नहीं टाली. गुरुवार को एक ही दिन में दोषियों की 5 याचिकाएं खारिज हो गईं और शुक्रवार सुबह उन्हें फांसी दे दी गई.
राम किंकर सिंह